ISRO

अंतरिक्ष संचालन के निजीकरण पर ISRO कर्मचारियों ने सरकार से मांगी स्पष्टता

अंतरिक्ष संचालन के निजीकरण पर ISRO कर्मचारियों ने सरकार से मांगी स्पष्टता

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):1969 में औपचारिक रूप से स्थापित, ISRO के पास 29 से अधिक प्रमुख केंद्रों में 14,000 से अधिक कर्मचारी हैं भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के कर्मचारियों ने अंतरिक्ष से संबंधित निर्माण और परिचालन कार्यों को निजी क्षेत्र को सौंपने की सरकार की पहल पर सवाल उठाए हैं। 4 सितंबर को, सफल GSLV प्रक्षेपण के कुछ घंटे बाद, ISRO के अध्यक्ष एवं अंतरिक्ष विभाग के सचिव वी नारणयन को लिखे पत्र में कई कर्मचारी संगठनों ने सरकार की निजीकरण नीति, ISRO की भविष्य में भूमिका और इससे मौजूदा कर्मचारियों तथा भविष्य में भर्ती पर पड़ने वाले प्रभाव के…
Read More
EOS-05 की सफल लॉन्चिंग पर PM मोदी ने ISRO को दी बधाई, वैज्ञानिकों की उपलब्धि को सराहा

EOS-05 की सफल लॉन्चिंग पर PM मोदी ने ISRO को दी बधाई, वैज्ञानिकों की उपलब्धि को सराहा

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज इसरो की एक और शानदार उपलब्धि की सराहना की और इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ईओएस-05 ले जा रहे जीएसएलवी-एफ17, जो जियोसिंक्रोनस कक्षा से भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट है, का सफल प्रक्षेपण भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र की उत्कृष्टता, नवाचार और बढ़ती क्षमताओं को प्रतिबिंबित करता है। श्री मोदी ने आगे कहा कि इसरो और भारतीय उद्योग के बीच बढ़ती साझेदारी अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ताकत और विस्तार दे रही है, जिससे पूरे अंतरिक्ष इकोसिस्टम में भारत की क्षमताएं बढ़ रही हैं। एक्स पर एक…
Read More
2026 की चौथी तिमाही में होगा पहला मानवरहित गगनयान मिशन, ‘व्योम्मित्र’ जाएगी अंतरिक्ष

2026 की चौथी तिमाही में होगा पहला मानवरहित गगनयान मिशन, ‘व्योम्मित्र’ जाएगी अंतरिक्ष

नई दिल्ली(राजीव शर्मा): विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज राज्यसभा को सूचित किया कि भारत के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन गगनयान ने मानव-रेटिंग से संबंधित महत्वपूर्ण प्रणालियों के विकास और प्रमाणीकरण में उल्लेखनीय उपब्धियां हासिल की हैं। इससे देश के पहले स्वदेशी मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन की दिशा में निरंतर प्रगति हो रही है। राज्यसभा में बोलते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि मानव-रेटेड प्रक्षेपण यान (एचएलवीएम3) के सभी प्रणोदन चरणों और संरचनाओं का विकास तथा ग्राउंड टेस्टिंग पूरी कर…
Read More
मानव अंतरिक्ष उड़ान और स्वदेशी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी

मानव अंतरिक्ष उड़ान और स्वदेशी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (बीएएस) पांच मॉड्यूल वाला देश का पहला स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन होगा। इसे 2035 तक स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। अक्टूबर 2024 में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गगनयान कार्यक्रम के दायरे में संशोधन के तहत बीएएस के पहले मॉड्यूल (बीएएस-01) के विकास और प्रक्षेपण को 2028 तक अनुमति दी। बीएएस-01 की बेसलाइन डिजाइन समीक्षा और सिस्टम इंजीनियरिंग पूरी हो चुकी है और 31 बेसलाइन डिजाइन दस्तावेज जारी किए गए हैं। विशेषज्ञ समिति की समीक्षा पूरी हो चुकी है। उप-प्रणालियों के डिजाइन का कार्य शुरू हो चुका है। गगनयान कार्यक्रम के अंतर्गत, मानव-योग्य प्रक्षेपण यान (एचएलवीएम3),…
Read More
अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी को लेकर संसद में सरकार का जवाब

अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी को लेकर संसद में सरकार का जवाब

नई दिल्ली(राजीव शर्मा): प्रभाव आकलन भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केन्‍द्र (इन-स्‍पेस) द्वारा किया गया है। प्रभाव आकलन पर प्रारंभिक टिप्पणी अनुलग्नक-I के रूप में संलग्न है। वर्ष 2026 में कुल 187 मिलियन अमेरिकी डॉलर निवेश की जानकारी मिली है। अब तक इन-स्‍पेस द्वारा गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीई) को विभिन्न अंतरिक्ष कार्यों के लिए कुल 108 आधिकारिक अनुमतियां प्रदान की जा चुकी हैं। इनमें उपग्रह/पेलोड की स्थापना एवं संचालन, अंतरिक्ष परिवहन प्रणालियों का प्रक्षेपण आदि शामिल हैं। इन-स्‍पेस द्वारा जारी "अंतरिक्ष गतिविधियों की मंजूरी (एनजीपी) के संबंध में भारतीय अंतरिक्ष नीति-2023 के कार्यान्वयन के लिए मानदंड, दिशानिर्देश एवं प्रक्रियाओं" के…
Read More
युविका (युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम) को लेकर संसद में सरकार ने रखी प्रगति रिपोर्ट

युविका (युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम) को लेकर संसद में सरकार ने रखी प्रगति रिपोर्ट

नई दिल्ली(राजीव शर्मा): युविका 2026 कार्यक्रम का सफल आयोजन 11 से 22 मई, 2026 के दौरान इसरो के नौ केन्द्रों—विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केन्द्र (वीएसएससी), सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र शार (एसडीएससी एसएचएआर), राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र (एनआरएससी), यू. आर. राव उपग्रह केन्द्र (यूआरएससी), अंतरिक्ष अनुप्रयोग केन्द्र (एसएसी), भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (आईआईआरएस), पूर्वोत्तर अंतरिक्ष अनुप्रयोग केन्द्र (एनईएसएसी), इसरो प्रणोदन परिसर (आईपीआरसी) तथा क्षेत्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र (आरआरएससी) पश्चिम—में किया गया। इस कार्यक्रम में 28 राज्यों और 8 केन्द्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 456 मेधावी विद्यार्थियों ने भाग लिया। युविका 2026 कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को अनुभवात्मक शिक्षण और विभिन्न…
Read More
संसद प्रश्‍न : लद्दाख में आपदा प्रबंधन के लिए अंतरिक्ष तकनीक

संसद प्रश्‍न : लद्दाख में आपदा प्रबंधन के लिए अंतरिक्ष तकनीक

नई दिल्ली(राजीव शर्मा): सरकार लद्दाख में ग्लेशियर, ग्लेशियल झीलों, बर्फबारी, जल संसाधनों और भूस्खलन की निगरानी के लिए सैटेलाइट और जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। इन गतिविधियों का विवरण नीचे दिया गया है: ग्लेशियर सूचीकरण : वर्ष 2020-23 के उपग्रह आंकड़ों का उपयोग करते हुए लद्दाख के 2,000 से अधिक ग्लेशियरों का डेटाबेस तैयार किया गया है। साथ ही, दो दशकों से अधिक की अवधि में 1,000 से अधिक ग्‍लेशियरों के क्षेत्रफल में हुए परिवर्तनों का मानचित्रण किया गया है।ग्‍लेशियल झीलें: जल शक्ति मंत्रालय की राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना के अंतर्गत लद्दाख में 0.25 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल…
Read More
डॉ. जितेंद्र सिंह ने पूर्वोत्तर में कृषि, आपदा प्रबंधन और संसाधन नियोजन के लिए अंतरिक्ष आधारित पहलों की समीक्षा की

डॉ. जितेंद्र सिंह ने पूर्वोत्तर में कृषि, आपदा प्रबंधन और संसाधन नियोजन के लिए अंतरिक्ष आधारित पहलों की समीक्षा की

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि उत्तर पूर्वी अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (एनईएसएसी) अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग के माध्यम से राष्ट्रीय रणनीतिक प्राथमिकताओं और उत्तर पूर्वी क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास दोनों का समर्थन करने वाली एक महत्वपूर्ण संस्था के रूप में विकसित हुआ है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि एनईएसएसी भारत-म्यांमार सीमा के साथ-साथ पूर्वोत्तर में अंतर-राज्यीय सीमाओं के भू-स्थानिक मानचित्रण में योगदान दे रही है। इसके साथ ही एनईएसएसी कृषि, आपदा प्रबंधन,…
Read More
India’s LVM3 Rocket Delivers Record-Breaking Commercial Satellite to Orbit

India’s LVM3 Rocket Delivers Record-Breaking Commercial Satellite to Orbit

Sriharikota (Rajeev Sharma): In a major boost to India’s commercial space launch profile, the Indian Space Research Organisation (ISRO) on Tuesday successfully placed the heaviest foreign satellite ever launched from Indian territory into orbit using its LVM3 rocket. The payload, BlueBird Block-2, tipped the scales at around 6,100 kilograms and was carried into Low Earth Orbit during the LVM3-M6 mission. Built by US-based AST SpaceMobile, the satellite is designed to provide direct space-based cellular broadband services to conventional mobile phones, a technology aimed at expanding connectivity beyond traditional ground networks. This mission was undertaken as a fully commercial launch, highlighting…
Read More
Indian Space Research Organisation (ISRO) Executes Critical Parachute Test for Gaganyaan Crew Module Module in Jhansi

Indian Space Research Organisation (ISRO) Executes Critical Parachute Test for Gaganyaan Crew Module Module in Jhansi

Jhansi, November 11, 2025 — The Indian Space Research Organisation (ISRO) announced the successful completion of a crucial parachute test for its ambitious Gaganyaan mission. The trial, held on November 3 at the Babina Field Firing Range (BFFR) in Jhansi, marked another major step toward India’s first human spaceflight.According to ISRO, the test was part of the ongoing Integrated Main Parachute Airdrop Tests (IMAT) designed to validate the safety and performance of the parachute system that will ensure the crew module’s safe landing. The Gaganyaan mission aims to send a three-member crew into space for a three-day mission and return…
Read More