29
Jul
नई दिल्ली(राजीव शर्मा): सरकार लद्दाख में ग्लेशियर, ग्लेशियल झीलों, बर्फबारी, जल संसाधनों और भूस्खलन की निगरानी के लिए सैटेलाइट और जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। इन गतिविधियों का विवरण नीचे दिया गया है: ग्लेशियर सूचीकरण : वर्ष 2020-23 के उपग्रह आंकड़ों का उपयोग करते हुए लद्दाख के 2,000 से अधिक ग्लेशियरों का डेटाबेस तैयार किया गया है। साथ ही, दो दशकों से अधिक की अवधि में 1,000 से अधिक ग्लेशियरों के क्षेत्रफल में हुए परिवर्तनों का मानचित्रण किया गया है।ग्लेशियल झीलें: जल शक्ति मंत्रालय की राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना के अंतर्गत लद्दाख में 0.25 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल…
