नई दिल्ली(राजीव शर्मा): युविका 2026 कार्यक्रम का सफल आयोजन 11 से 22 मई, 2026 के दौरान इसरो के नौ केन्द्रों—विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केन्द्र (वीएसएससी), सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र शार (एसडीएससी एसएचएआर), राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र (एनआरएससी), यू. आर. राव उपग्रह केन्द्र (यूआरएससी), अंतरिक्ष अनुप्रयोग केन्द्र (एसएसी), भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (आईआईआरएस), पूर्वोत्तर अंतरिक्ष अनुप्रयोग केन्द्र (एनईएसएसी), इसरो प्रणोदन परिसर (आईपीआरसी) तथा क्षेत्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र (आरआरएससी) पश्चिम—में किया गया। इस कार्यक्रम में 28 राज्यों और 8 केन्द्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 456 मेधावी विद्यार्थियों ने भाग लिया।
युविका 2026 कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को अनुभवात्मक शिक्षण और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अंतरिक्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा उसके अनुप्रयोगों से परिचित कराया गया। इन गतिविधियों में वरिष्ठ वैज्ञानिकों एवं गगनयात्रियों के साथ संवाद, अंतरिक्ष विज्ञान तथा इसरो की उपलब्धियों पर व्याख्यान, आरएच-200 रॉकेट के प्रत्यक्ष प्रक्षेपण का अवलोकन, अंटार्कटिका स्थित भारत के भारती स्टेशन की टीम के साथ सीधा संवाद, जल रॉकेट का प्रदर्शन तथा प्रोग्रामेबल रोबोटिक किट के माध्यम से बुनियादी रोबोटिक्स, चंद्रयान-3 डीआईवाई किट का संयोजन, मॉडल रॉकेट का निर्माण एवं प्रक्षेपण तथा दूरबीन के माध्यम से आकाश अवलोकन जैसी व्यावहारिक गतिविधियां शामिल थीं।
युविका 2026 के संस्करण में 9 इसरो केन्द्रों पर 456 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जबकि पिछले संस्करण में 7 इसरो केन्द्रों पर 350 विद्यार्थियों ने भाग लिया था। वर्तमान में इस कार्यक्रम का और विस्तार करने के लिए संस्थागत साझेदारियां स्थापित करने की कोई योजना नहीं है।
युविका कार्यक्रम में विद्यार्थियों का चयन योग्यता के आधार पर किया जाता है। हालांकि, ग्रामीण और दूरदराज़ के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को 15 प्रतिशत अतिरिक्त वरीयता प्रदान की जाती है।
यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
