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PM मोदी ने शेयर किया संस्कृत सुभाषित, सफलता के लिए बताए छह महत्वपूर्ण गुण

PM मोदी ने शेयर किया संस्कृत सुभाषित, सफलता के लिए बताए छह महत्वपूर्ण गुण

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है, जिसमें छह गुणों—परिश्रम, साहस, धैर्य, कार्य करने की शक्ति, विद्या और पराक्रम—को दर्शाया गया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब किसी व्यक्ति में ये गुण विद्यमान होते हैं, तो कहा जाता है कि दैवीय सहायता भी उसकी मदद के लिए आगे आती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया- “उद्यमः साहसं धैर्यं बुद्धिः शक्तिः पराक्रमः। षडेते यत्र वर्तन्ते तत्र दैवं सहायकृत्॥” यह सुभाषितम् संदेश देता है कि जिस व्यक्ति में ये छह गुण—परिश्रम, साहस, धैर्य, कार्य करने की शक्ति, विद्या और…
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PM मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषित, सत्य और मधुर वाणी के महत्व पर दिया संदेश

PM मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषित, सत्य और मधुर वाणी के महत्व पर दिया संदेश

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने संस्कृत का एक सुभाषितम साझा किया है, जिसमें सत्य, मधुर और हितकारी शब्दों के उच्चारण और समाज में शांति एवं सद्भाव का प्रचार-प्रसार करने के लिए वाणी में अनुशासन के अभ्यास के महत्‍व का उल्‍लेख किया गया है। प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा; "अनुद्वेगकरं वाक्यं सत्यं प्रियहितं च यत्। स्वाध्यायाभ्यसनं चैव वाङ्मयं तप उच्यते॥" हमें सदैव सत्य, मधुर और हितकारी वाणी बोलनी चाहिए, जो किसी के मन में अशांति उत्‍पन्‍न न करे। पवित्र सद्ग्रंथों का निरंतर स्‍वाध्‍याय और चिंतन ही वाणी को वास्‍तविक सार्थकता प्रदान करता है। विचारपूर्वक बोली गई वाणी समाज में…
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PM मोदी ने साझा किया प्रेरक संस्कृत सुभाषित, साधुता को बताया सुख-समृद्धि का आधार

PM मोदी ने साझा किया प्रेरक संस्कृत सुभाषित, साधुता को बताया सुख-समृद्धि का आधार

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):आयुष मंत्रालय कल नागपुर में “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” विषय के तहत 11वें आयुर्वेद दिवस समारोह की मेजबानी करेगा। पूरे भारत और विश्वभर में आयोजित समारोहों में आयुर्वेद संस्थान, चिकित्सक और हितधारक भाग लेंगे। नागपुर में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में “आयुष सेवा क्षेत्र” पर पहली बार तैयार की गई रिपोर्ट का शुभारंभ होगा, जिसे विकासशील देशों के लिए अनुसंधान और सूचना प्रणाली (आरआईएस) ने तैयार किया है, जो आयुष सेवा क्षेत्र का आकलन प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम में गोक्षुर (Tribulus terrestris) और चंद्रसूर (Lepidium sativum) पर सुरक्षा डोजियर, त्वचा विकारों पर मानक उपचार दिशानिर्देश तथा आयुर्वेद में…
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PM मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषित, साधुता से सुख-समृद्धि और कल्याण का दिया संदेश

PM मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषित, साधुता से सुख-समृद्धि और कल्याण का दिया संदेश

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज संस्कृत में एक सुभाषितम साझा किया, जिसमें साधुता और नेक मार्गदर्शन के माध्यम से सुख, समृद्धि और कल्याण पाने पर प्रकाश डाला गया है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया एक्‍स पोस्‍ट पर लिखा; "सुत्रामाणं पृथिवीं द्यामनेहसं सुशर्माणमदितिं सुप्रणीतिम् । दैवीं नावं स्वरित्रामनागसो अस्रवन्तीमा रुहेमा स्वस्तये॥" ईश्वर करे कि मनुष्य सदा रक्षा करने वाली पृथ्वी और विशाल, असीम आकाश की शरण में आए, जो सुरक्षित आश्रय प्रदान करते हैं और धर्म का पालन करते हैं। पाप से मुक्त होकर और शुभ मार्ग पर चलते हुए, हम ईश्वर की मजबूत, सुगठित और उत्तम पतवारों से…
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प्रधानमंत्री ने साहस और बुद्धिमत्ता पर बल देते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री ने साहस और बुद्धिमत्ता पर बल देते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने साहस और बुद्धिमत्ता के गुणों को उजागर करने वाला एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया: "अद्वैधमनसं युक्तं शूरं धीरं विपश्चितम्। न श्रीः सन्त्यजते नित्यमादित्यमिव रश्मयः॥" इसमें कहा गया है कि समृद्धि सदा साहसी, दृढ़, बुद्धिमान और बलवान व्यक्ति के साथ रहती है, ठीक उसी प्रकार जैसे सूर्य की किरणें सदा सूर्य के साथ रहती हैं। प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया: अद्वैधमनसं युक्तं शूरं धीरं विपश्चितम्। न श्रीः सन्त्यजते नित्यमादित्यमिव रश्मयः॥
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पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषितम्, विवेकपूर्ण ज्ञान के महत्व पर दिया संदेश

पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषितम्, विवेकपूर्ण ज्ञान के महत्व पर दिया संदेश

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया। इस सुभाषितम् का तात्‍पर्य है कि एक बुद्धिमान और समझदार व्यक्ति को ज्ञान की हर शाखा से सार निकालना चाहिए, चाहे वह बड़ी हो या छोटी। उन्होंने हर स्रोत से मूल्यवान ज्ञान प्राप्त करने और उसे आत्मसात् करने के महत्व पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् साझा किया- “अणुभ्यश्च महद्भ्यश्च शास्त्रेभ्यः कुशलो नरः। सर्वतः सारमादद्यात् पुष्पेभ्य इव षट्पदः॥” विवेकी और कुशल व्‍यक्ति को छोटे-बडे सभी शास्‍त्रों से, चाहे वे किसी भी विषय के हों, उपयोगी सारतत्‍व को ग्रहण करना चाहिए। जैसे भौंरा विभिन्‍न पुष्‍पों से केवल…
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PM मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषितम्, परिश्रम, ज्ञान और सदाचार का दिया संदेश

PM मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषितम्, परिश्रम, ज्ञान और सदाचार का दिया संदेश

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने नैतिक समाज के निर्माण में ज्ञान, परिश्रम और सदाचार के महत्व पर प्रकाश डालने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया है। यह सुभाषितम् व्यक्तियों से प्रकाश और ज्ञान के मार्ग को अपनाने, अपने प्रयासों में सतर्क और दृढ़ रहने तथा एक नेक एवं नैतिकता से परिपूर्ण समाज के निर्माण में योगदान देने का आग्रह करता है। "तन्तुं तन्वन्रजसो भानुमन्विहि ज्योतिष्मतः पथो रक्ष धिया कृतान्। अनुल्बणं वयत जोगुवामपो मनुर्भव जनया दैव्यं जनम्॥" प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट किया: तन्तुं तन्वन्रजसो भानुमन्विहि ज्योतिष्मतः पथो रक्ष धिया कृतान्। अनुल्बणं वयत जोगुवामपो मनुर्भव जनया दैव्यं जनम्॥
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प्रधानमंत्री ने आत्मसम्मान, साहस और दृढ़ता के महत्व को बताते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री ने आत्मसम्मान, साहस और दृढ़ता के महत्व को बताते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आत्म-सम्मान, साहस और सम्मान के साथ जीने के महत्व पर जोर डालते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है। उन्होंने कहा कि सच्ची वीरता और ताकत किसी भी परिस्थिति में समझौता किए बिना अपने सिद्धांतों और मूल्यों पर दृढ़ रहने में निहित है।प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया- “उद्यच्छेदेव न नमेदुद्यमो ह्येव पौरुषम्। अप्यपर्वणि भज्येत न नमत्वेव कस्यचित्॥” इस सुभाषितम् का यह संदेश है कि व्यक्ति को सदैव आत्म-सम्मान, साहस और सम्मान के साथ जीना चाहिए। सच्ची वीरता और ताकत इसमें है कि किसी भी परिस्थिति में अपने सिद्धांतों और मूल्यों से…
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प्रधानमंत्री ने भारत के युवाओं के प्रयास और समर्पण की सराहना करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री ने भारत के युवाओं के प्रयास और समर्पण की सराहना करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के युवाओं के प्रयासों और समर्पण की सराहना करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है: "न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते । तत्स्वयं योगसंसिद्ध: कालेनात्मनि विन्दति ॥" श्री मोदी ने कहा है कि निरंतर प्रयास और समर्पण से हमारी प्रतिभा निखरती है और उसमें सुधार होता है, और हमारे युवा इन्हीं गुणों को अपनाकर भारत का गौरव बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने एक्स पर किए गए पोस्ट में लिखा है: निरंतर प्रयास और साधना से हमारी प्रतिभा और निखरती है। आज हमारे युवा इन्हीं गुणों को आत्मसात कर दुनियाभर में देश…
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प्रधानमंत्री ने साहस और धैर्य के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री ने साहस और धैर्य के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भाग्य के प्रतिकूल होने पर भी कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए क्योंकि धैर्य और दृढ़ता से खोई हुई स्थिति को फिर से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक कुशल नाविक समुद्र के बीच में जहाज टूटने पर भी उम्मीद नहीं छोड़ता बल्कि तैरकर जीवित रहने का प्रयास जारी रखता है, उसी प्रकार दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से विपत्ति पर विजय प्राप्त की जा सकती है। प्रधानमंत्री ने संस्कृत में एक सुभाषितम् साझा किया- “त्याज्यं न धैर्यं विधुरेऽपि दैवे धैर्यात्कदाचित्स्थितिमाप्नुयात्सः। याते समुद्रेऽपि च पोतभङ्गे सांयात्रिको…
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