SanskritSubhashita

प्रधानमंत्री ने सम्मान और सराहना के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया

प्रधानमंत्री ने सम्मान और सराहना के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया

नई दिल्ली (राजीव शर्मा): प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि स्नेहपूर्ण सम्मान और स्वीकृति व्यक्ति को मूल्यवान, गौरवान्वित और संतुष्ट महसूस कराती है। उन्होंने उल्लेख किया कि ऐसी पहचान न केवल आत्मविश्वास को बढ़ाती है, बल्कि व्यक्ति में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार भी करती है। प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा किया- “त्वत्सम्भावितमात्मानं बहु मन्यामहे वयम्‌ । प्रायः प्रत्ययमाधत्ते स्वगुणेषूत्तमादरः।।” यह सुभाषित संदेश देता है कि जब हमें किसी व्यक्ति द्वारा सम्मान के साथ स्वीकार किया जाता है, तो हम अत्यंत गर्व और सौभाग्य का अनुभव करते हैं। यह पूर्णतः सत्य है कि महान व्यक्तियों द्वारा दिया…
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प्रधानमंत्री ने विवेक और सोच-समझकर निर्णय लेने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया

प्रधानमंत्री ने विवेक और सोच-समझकर निर्णय लेने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से प्रेरित कार्यों के माध्यम से ही सुख और समृद्धि के द्वार खुलते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि हर निर्णय के लिए गहन समझ आवश्यक है, क्योंकि सफलता उन निर्णयों पर आधारित होती है जो उचित सोच-विचार के साथ लिए जाते हैं। प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा किया है— “सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्। वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव सम्पदः॥” यह सुभाषित संदेश देता है कि किसी भी कार्य को बिना सोचे-समझे प्रारंभ नहीं करना चाहिए, क्योंकि अविवेकपूर्ण कार्य बड़ी आपदाओं को निमंत्रण देते हैं।…
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