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प्रधानमंत्री ने विवेक और सोच-समझकर निर्णय लेने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया

प्रधानमंत्री ने विवेक और सोच-समझकर निर्णय लेने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से प्रेरित कार्यों के माध्यम से ही सुख और समृद्धि के द्वार खुलते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि हर निर्णय के लिए गहन समझ आवश्यक है, क्योंकि सफलता उन निर्णयों पर आधारित होती है जो उचित सोच-विचार के साथ लिए जाते हैं। प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा किया है— “सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्। वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव सम्पदः॥” यह सुभाषित संदेश देता है कि किसी भी कार्य को बिना सोचे-समझे प्रारंभ नहीं करना चाहिए, क्योंकि अविवेकपूर्ण कार्य बड़ी आपदाओं को निमंत्रण देते हैं।…
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सीसीआरएएस-केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की पहल ने भारत की आयुर्वेद ज्ञान विरासत के संरक्षण को सुदृढ़ किया

सीसीआरएएस-केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की पहल ने भारत की आयुर्वेद ज्ञान विरासत के संरक्षण को सुदृढ़ किया

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):भारत की पारंपरिक ज्ञान विरासत को संरक्षित करने के निरंतर प्रयासों के एक हिस्से के रूप में, आज श्री पुथिगे नरसिम्हा सभाभवन, गीता मंदिर, उडुपी में तिगलारी और पुरानी कन्नड़ लिपियों में लिखी आयुर्वेद पांडुलिपियों के लिप्यंतरण पर एक क्षमता-निर्माण कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। यह कार्यशाला भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के तहत संचालित आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान केंद्रीय परिषद (सीसीआरएएस) और भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत संचालित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (सीएसयू) द्वारा श्री वदिराजा अनुसंधान फाउंडेशन के सहयोग से संयुक्त रूप से आयोजित की जा रही है। यह कार्यक्रम श्री पुथिगे मठ के पीठाधिपति श्री…
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