15
Jun
नई दिल्ली(राजीव शर्मा):भारत की पारंपरिक ज्ञान विरासत को संरक्षित करने के निरंतर प्रयासों के एक हिस्से के रूप में, आज श्री पुथिगे नरसिम्हा सभाभवन, गीता मंदिर, उडुपी में तिगलारी और पुरानी कन्नड़ लिपियों में लिखी आयुर्वेद पांडुलिपियों के लिप्यंतरण पर एक क्षमता-निर्माण कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। यह कार्यशाला भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के तहत संचालित आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान केंद्रीय परिषद (सीसीआरएएस) और भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत संचालित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (सीएसयू) द्वारा श्री वदिराजा अनुसंधान फाउंडेशन के सहयोग से संयुक्त रूप से आयोजित की जा रही है। यह कार्यक्रम श्री पुथिगे मठ के पीठाधिपति श्री…
