लुधियाना (गुरप्रीत सिंह): पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को कहा कि पंजाब सरकार का ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक राज्य से नशे का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान की उल्लेखनीय सफलता लोगों की सक्रिय भागीदारी से संभव हुई है। लुधियाना में विलेज डिफेंस कमेटी (VDC) के स्वयंसेवकों ‘पिंडां दे पहरेदार’ के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि यह अभियान 500 दिन पूरे कर चुका है, जिसके दौरान 70,000 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 13,000 गांवों में 1.25 लाख स्वयंसेवक इस आंदोलन की रीढ़ बनकर उभरे हैं।
पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल ने पंजाब में नशे की शुरुआत की और कांग्रेस ने इस समस्या को संरक्षण दिया, जबकि आम आदमी पार्टी सरकार ने तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, नशे के शिकार लोगों के इलाज एवं पुनर्वास तथा अभूतपूर्व जनजागरूकता अभियान के जरिए इसकी कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि कभी ‘उड़ता पंजाब’ के नाम से बदनाम रहा राज्य अब ‘पढ़ता ते तंदुरुस्त पंजाब’ में बदल रहा है, जिसका प्रमाण स्कूल शिक्षा में राज्य की शीर्ष रैंकिंग, जेईई और नीट में रिकॉर्ड सफलता तथा योग्यता के आधार पर दी गई सरकारी नौकरियां हैं। उन्होंने दोहराया कि पंजाब पूरी तरह नशामुक्त होने तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
कार्यक्रम की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने X पर लिखा, “आज लुधियाना में विलेज डिफेंस कमेटी (VDC) के स्वयंसेवकों से मुलाकात की। पिछले 500 से अधिक दिनों में हमारे नशा विरोधी अभियान ने उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं। पंजाब पुलिस और स्वयंसेवकों के संयुक्त प्रयास से 70,000 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे नशे के कारोबार की कमर टूट गई है। कभी ‘उड़ता पंजाब’ के नाम से जाना जाने वाला राज्य अब ‘पढ़ता ते तंदुरुस्त पंजाब’ बन रहा है। स्कूल शिक्षा में पंजाब की नंबर-1 रैंकिंग, 882 छात्रों का नीट में सफलता प्राप्त करना और 68,500 से अधिक सरकारी नौकरियां इस बदलाव का प्रमाण हैं। यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब से नशे का पूरी तरह खात्मा नहीं हो जाता। आइए, हम सब मिलकर ‘रंगला पंजाब’ का निर्माण करें। इंकलाब जिंदाबाद।”

एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज का दिन महत्वपूर्ण है क्योंकि ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के 500 दिन पूरे हो गए हैं और हमारी विलेज डिफेंस कमेटियों ने भी एक वर्ष पूरा कर लिया है। मैं पंजाब के लोगों का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने इन दोनों पहलों को जन आंदोलन का रूप दिया। वह दिन दूर नहीं जब ये दोनों अभियान मिलकर पंजाब से नशे की समस्या का पूरी तरह अंत कर देंगे।”
मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि वह पंजाब की सच्चे मन से सेवा करने वाले सभी लोगों के ऋणी हैं। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प यह साबित करता है कि सामूहिक इच्छाशक्ति से किसी भी बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “जो समस्या कभी असंभव लगती थी, वह 500 दिनों के भीतर समाप्ति की ओर बढ़ रही है। बहुत से लोगों को लगता था कि इस अभिशाप को कभी खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन जनता के सहयोग से हमने इसकी कमर तोड़ दी है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने नशे की लत से जूझ रहे लोगों को नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में भेजकर उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा, “पिछले 500 दिनों में हमने 70,000 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। 13,000 गांवों में लगभग 1.25 लाख स्वयंसेवक नशे के खात्मे के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। केवल जनता के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध एक ईमानदार सरकार ही ऐसा दृढ़ कदम उठा सकती है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली दल पंजाब में ‘चिट्टा’ लेकर आया और कांग्रेस ने इसे बढ़ावा दिया, जैसे दोनों दल राज्य में कुशासन के भी जिम्मेदार रहे हैं। उन्होंने कहा, “आज हमारी सरकार ने राज्य से नशे का सफाया कर दिया है। किसी व्यक्ति को नशे से बाहर निकालना किसी तीर्थ यात्रा पर ले जाने के समान है। मुझे संतोष है कि हमारी सरकार ने शिक्षा क्रांति के माध्यम से पंजाब का इतिहास ‘उड़ता पंजाब’ से ‘पढ़ता पंजाब’ में बदल दिया है।”
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण पंजाब प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में देश का शीर्ष प्रदर्शन करने वाला राज्य बन गया है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा को मजबूत किया, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए और शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया। उन्होंने कहा, “पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में देश में पहला स्थान हासिल किया है। भारत सरकार की प्रमुख संस्था नीति आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़े इसकी पुष्टि करते हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों से सरकार ने शिक्षक प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और स्मार्ट क्लासरूम पर विशेष ध्यान दिया है, जिसके कारण पंजाब आज शीर्ष स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने कहा, “पहले केरल पहले स्थान पर था, लेकिन आज पंजाब बड़े अंतर से नंबर-1 बन गया है। आने वाले वर्षों में भी हम शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक प्रयास करेंगे, क्योंकि शिक्षा ही अंधकार को दूर करने वाला प्रकाश है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उनकी सरकार सत्ता में आई थी, तब स्कूल शिक्षा में पंजाब 27वें स्थान पर था, जबकि आज राज्य पहले स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि 2021 में पंजाब के सरकारी स्कूलों से केवल 80 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की थी, जबकि 2026 में यह संख्या बढ़कर 881 हो गई, जो अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है ताकि सामान्य परिवारों के बच्चों को भी आगे बढ़ने के समान अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीट परीक्षा एक भी बार पारदर्शी तरीके से आयोजित नहीं हो सकी और बार-बार पेपर लीक होने से छात्रों को निराशा झेलनी पड़ी। उन्होंने कहा, “इसके विपरीत, हमारी सरकार ने साढ़े चार वर्षों में पंजाब में एक भी परीक्षा का पेपर लीक नहीं होने दिया। कुछ दिन पहले फार्मेसी परीक्षा में नकल का मामला सामने आया था, जिसमें आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पंजाब में 1,090 आम आदमी क्लीनिक संचालित हो रहे हैं और जल्द ही इनकी संख्या 1,400 कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इन क्लीनिकों में अब तक 5 करोड़ से अधिक ओपीडी परामर्श दिए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक परिवार को व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की है। उन्होंने कहा, “इस योजना के तहत पंजाब के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। इस तरह की व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा देने वाला पंजाब देश का पहला राज्य है। इससे लोगों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है और उन्हें गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल रहा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक योजना का उद्देश्य राज्य के हर परिवार को सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है और अब तक लोग इस योजना के तहत 937 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए 3,100 खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “युवाओं को नशे से दूर रखने का सबसे प्रभावी माध्यम खेल हैं। हमारी सरकार सफलतापूर्वक ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का आयोजन कर रही है, जिसमें दादा-दादी से लेकर पोते-पोतियों तक एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां भाग लेती हैं।”
उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम, भारतीय महिला क्रिकेट टीम और भारतीय हॉकी टीम की कमान पंजाबी खिलाड़ियों के हाथ में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने पंजाब की छवि को नुकसान पहुंचाया, जबकि वर्तमान सरकार उसे दोबारा मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा, “पहले सरकारी वाहनों में नशा सप्लाई होता था, आज नशा तस्कर जेलों में हैं।”
उन्होंने कहा कि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस ने पंजाब को बर्बाद करने के अलावा कुछ नहीं किया और अब ये दल फिर से सत्ता में आकर राज्य को लूटना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार 43,000 किलोमीटर सड़कें बना रही है और इन्हें बनाने वाले ठेकेदार ही इनके रखरखाव के लिए भी जिम्मेदार होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने 68,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने कहा, “अब पंजाब में पैसे और सिफारिश के आधार पर नौकरी देने का दौर समाप्त हो चुका है। सभी नियुक्तियां पूरी पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर की गई हैं, इसलिए किसी भी भर्ती को अदालत में चुनौती नहीं मिली।”
उन्होंने कहा कि उद्योगों के अनुकूल नीतियों के कारण Sanatan Textiles, Nestlé, CLAAS, Freudenberg, Cargill, Verbio, Danone सहित कई बड़ी कंपनियों ने पंजाब में काम शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि टाटा स्टील ने 3,200 करोड़ रुपये के निवेश से जमशेदपुर के बाद अपना दूसरा सबसे बड़ा संयंत्र पंजाब में स्थापित किया है, जबकि जापान की Aichi Steel भी राज्य में निवेश कर रही है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार का प्रयास युवाओं के हाथों में सिरिंज नहीं, बल्कि टिफिन देना है। रोजगार के अधिक अवसर पैदा कर युवाओं को सामाजिक बुराइयों से बचाना हमारी प्राथमिकता है। बेरोजगारी कई सामाजिक समस्याओं की जड़ है और हम इसे समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, तरुणप्रीत सिंह सोंद, डॉ. बलबीर सिंह, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
