दिलजीत दोसांझ ने वेम्बली को बनाया पंजाबी जश्न का रंगमंच, लंदन में रचा इतिहास

लंदन (राजीव शर्मा): लंदन के ऐतिहासिक वेम्बली स्टेडियम में शनिवार को पूरी तरह से पंजाबी रंग देखने को मिला, जब दिलजीत दोसांझ ने लगभग 90,000 दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम के सामने प्रस्तुति दी। यह पल अंतरराष्ट्रीय मंच पर पंजाबी संगीत के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ।

गायक 12 सितंबर को अपने ‘ऑरा वर्ल्ड टूर’ (Aura World Tour) को लेकर लंदन पहुंचे और वेम्बली स्टेडियम के प्रबंधन के अनुसार, वह इस मैदान पर हेडलाइनर के तौर पर प्रस्तुति देने वाले पहले पंजाबी गायक बन गए हैं।

एक ऐसे कलाकार के लिए जिसका संगीत पंजाब की सरहदों को पार कर दूर-दूर तक फैल चुका है, यह शो उनके वैश्विक सफर में एक और बड़ा पड़ाव था। इस ऐतिहासिक रात ने पंजाबी संगीत को उन दिग्गज अंतरराष्ट्रीय नामों की कतार में ला खड़ा किया, जो कभी वेम्बली के इस मंच की शान बन चुके हैं।

पंजाब से वेम्बली तक का सफर

दोसांझ ने शो की शुरुआत अपने उस जाने-पहचाने अंदाज से की, जिसने फौरन दर्शकों को उनकी पंजाबी पहचान से जोड़ दिया।

उन्होंने लंदन के इस ऐतिहासिक मंच के अनुकूल अपने खास तकियाकलाम को दोहराते हुए बुलंद आवाज में कहा, “पंजाबी आ गए वेम्बली ओए!”

इसके साथ ही पूरा स्टेडियम तालियों और शोर से गूंज उठा। उन्होंने ‘जी.ओ.ए.टी.’ (G.O.A.T.), ‘लवर’ (Lover), ‘हंस हंस’ (Hass Hass) और ‘बॉर्न टू शाइन’ (Born to Shine) जैसे अपने मशहूर गानों की झड़ी लगा दी।

पारंपरिक पोशाक में सजे दिलजीत रात करीब 8 बजे के तुरंत बाद मंच पर उतरे और दो घंटे से अधिक समय तक समां बांधे रखा। भांगड़ा, पंजाबी धुनों, रैप और हिप-हॉप के अनूठे मेल ने पूरी शाम दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व की ऐतिहासिक रात

ब्रिटेन के विशाल पंजाबी समुदाय के लिए यह कॉन्सर्ट केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं था।

पारिवारिक कार्यक्रमों, शादियों और रोजमर्रा के जीवन में दिलजीत के गानों को सुनते हुए बड़े हुए ढेरों प्रशंसक अपनी संस्कृति के इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए वेम्बली पहुंचे थे।

भीड़ में मुख्य रूप से दक्षिण एशियाई लोग शामिल थे, हालांकि अन्य समुदायों के लोगों ने भी इस जश्न में बढ़-चढ़कर शिरकत की।

कुछ प्रशंसकों ने दिलजीत के कद की तुलना अंतरराष्ट्रीय संगीत दिग्गजों से की, जो उस कलाकार की असाधारण तरक्की को दर्शाता है जिसने पंजाबी भाषा के संगीत को महाद्वीपों के पार पहुंचाया है।

स्टेडियम में भी बनाए रखा अपनापन

हजारों की भीड़ के सामने प्रस्तुति देते हुए किसी कलाकार और दर्शकों के बीच दूरी बन जाना स्वाभाविक है, लेकिन दोसांझ ने बार-बार इस खाई को पाटने का प्रयास किया।

उन्होंने अलग-अलग पीढ़ियों के प्रशंसकों को मंच पर आमंत्रित किया, जिनमें छोटे बच्चे और एक बुजुर्ग महिला भी शामिल थीं। उन्होंने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उपहार भी बांटे।

उन्होंने स्टेडियम के सबसे ऊपरी और दूर के हिस्सों में बैठे दर्शकों की मौजूदगी का भी खास सम्मान किया। उन्होंने सभी से उनके लिए तालियां बजाने को कहा और उन प्रशंसकों को “दिलदार” करार दिया।

दर्शकों का उत्साह इतना था कि मैदान का स्टैंडिंग एरिया किसी भव्य पंजाबी शादी के माहौल में तब्दील हो गया, जहां प्रशंसक दिलजीत के डांस स्टेप्स की हूबहू नकल करते नजर आए।

एक और वैश्विक उपलब्धि

दिलजीत की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त में वेम्बली का नाम अब ताजा कड़ी के तौर पर जुड़ गया है।

साल 2023 में वह कोचेला (Coachella) में प्रस्तुति देने वाले पहले पंजाबी भाषा के गायक बने थे। इसके बाद मेट गाला (Met Gala) जैसे बड़े वैश्विक मंचों पर उनकी मौजूदगी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान को और मजबूत किया।

विश्वस्तरीय हस्तियों और संगीतकारों के साथ उनके सहयोग और मुलाकातों ने उन श्रोताओं को भी पंजाबी संगीत से परिचित कराया जो इस भाषा से पूरी तरह अनजान थे।

एड शीरन के साथ उनकी साझेदारी और जिमी फैलन के शो में उनकी मौजूदगी ऐसे अहम पड़ाव रहे हैं जिन्होंने पारंपरिक पंजाबी संगीत बाजार से बाहर भी उनकी साख बनाई है। इसके अलावा बॉलीवुड में उनके काम और सोशल मीडिया पर करोड़ों प्रशंसकों ने उनके दायरे को और बड़ा किया है।

अगला पड़ाव अहमदाबाद

वेम्बली के इस मंच से दिलजीत ने अपने देश के प्रशंसकों के लिए भी एक बड़ी घोषणा की।

उन्होंने खुलासा किया कि वह नवंबर में अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में प्रस्तुति देंगे, जिससे उनके ऐतिहासिक कॉन्सर्ट्स की सूची में एक और विशाल वेन्यू शामिल हो जाएगा।

लंदन का यह कॉन्सर्ट आतिशबाजी की शानदार रोशनी और ‘मैं हूं पंजाबी’ के भावुक गान के साथ संपन्न हुआ।

कॉन्सर्ट में पहुंचे अमित और रानी—जो पहले भी ब्रिटेन में दिलजीत के शोज देख चुके हैं—ने कहा कि वेम्बली का यह अनुभव उनके अब तक के सभी अनुभवों से बिल्कुल अलग था। उन्होंने इस माहौल को अद्भुत बताया और कहा कि यह दिन पंजाबी संस्कृति के जश्न का प्रतीक बन गया है।

‘हम भी यह कर सकते हैं’

मंच पर उतरने से पहले दिलजीत ने इतने बड़े मैदान में परफॉर्म करने के अपने फैसले से जुड़ी आशंकाओं को याद किया।

उन्होंने साझा किया कि वेम्बली की विशाल दर्शक क्षमता को देखते हुए कई लोगों ने उन्हें बुकिंग से पहले गहराई से विचार करने की सलाह दी थी।

लेकिन गायक के लिए वेन्यू का यह विशाल आकार ही असल मकसद था।

उन्होंने कहा कि वह चाहते थे कि पंजाबी दर्शक यहां से इस विश्वास के साथ लौटें कि वे भी दुनिया के सबसे बड़े मंचों पर पहुंचने का सपना देख सकते हैं।

उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि हमारे लोग खुश हों और यह कह सकें कि हां, हम भी यह कर सकते हैं!”

वेम्बली की उनकी इस प्रस्तुति ने इस संदेश में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

पंजाब के एक छोटे से गांव से निकलकर लंदन के सबसे प्रसिद्ध खेल और मनोरंजन केंद्र तक का दिलजीत का सफर इस बात की मिसाल बन चुका है कि कैसे कोई क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति अपनी पहचान खोए बिना दुनिया भर के दर्शकों के दिलों पर राज कर सकती है।

By Rajeev Sharma

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