नई दिल्ली(राजीव शर्मा):प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज संस्कृत में एक सुभाषितम साझा किया, जिसमें साधुता और नेक मार्गदर्शन के माध्यम से सुख, समृद्धि और कल्याण पाने पर प्रकाश डाला गया है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पोस्ट पर लिखा;
“सुत्रामाणं पृथिवीं द्यामनेहसं सुशर्माणमदितिं सुप्रणीतिम् ।
दैवीं नावं स्वरित्रामनागसो अस्रवन्तीमा रुहेमा स्वस्तये॥”
ईश्वर करे कि मनुष्य सदा रक्षा करने वाली पृथ्वी और विशाल, असीम आकाश की शरण में आए, जो सुरक्षित आश्रय प्रदान करते हैं और धर्म का पालन करते हैं। पाप से मुक्त होकर और शुभ मार्ग पर चलते हुए, हम ईश्वर की मजबूत, सुगठित और उत्तम पतवारों से सुसज्जित नाव पर सवार होकर सुख, समृद्धि और कल्याण की ओर सुरक्षित रूप से अग्रसर हों।
