22
Oct
नई दिल्ली(राजीव शर्मा):प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें सीमित सफलता पर विनम्र बने रहने तथा निरंतर सीखने और आगे बढ़ने की आवश्यकता के महत्व को रेखांकित किया गया है प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा; "खद्योतो द्योतते तावद् यावन्नोदयते शशी। उदिते तु सहस्रांशौ न खद्योतो न चन्द्रमाः।।" जुगनू केवल चंद्रमा की अनुपस्थिति में ही चमकता हुआ दिखाई देता है। लेकिन जब सूर्य उदित होता है, तो न जुगनू की चमक दिखाई देती है और न ही चंद्रमा दिखाई देता है। इसी प्रकार, किसी छोटी उपलब्धि का महत्व तब तक ही रहता है, जब तक उससे…
