टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस की जांच का दायरा बढ़ा: अमेरिका में बैठा गैंगस्टर अनिल पंडित पुलिस के निशाने पर

नई दिल्ली (राजीव शर्मा): बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले की जांच कर रही एजेंसियां अब हरियाणा मूल के गैंगस्टर अनिल पंडित की संदिग्ध भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। संदेह है कि पंडित अमेरिका में बैठकर भारत में फैले आपराधिक नेटवर्कों का संचालन कर रहा है।

रिपोर्टों में उद्धृत पुलिस सूत्रों के अनुसार, हरियाणा और दिल्ली में कथित जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) और लक्षित गोलीबारी (टारगेटेड शूटिंग) के एक दर्जन से अधिक मामलों के सिलसिले में पंडित की जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या उसके नेटवर्क के तार राजस्थान और महाराष्ट्र में सामने आई ऐसी ही घटनाओं से जुड़े हैं।

श्राॅफ पर हुए हमले के मामले में कोटा पुलिस तीन संदिग्ध शूटरों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें दो हरियाणा और एक बिहार का रहने वाला है। इस बीच, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय संदिग्ध शूटरों के बारे में खुफिया जानकारी जुटा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उनके तार इस मामले से जुड़े हैं।

जांच से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल के लिए लगभग 10 पुलिस टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें हमले में शामिल लोगों की पहचान, उनके संचार माध्यमों, हथियारों के संभावित स्रोतों और फंडिंग के रास्तों की गहराई से जांच कर रही हैं।

सोशल मीडिया दावों और ऑडियो क्लिप की जांच तेज

जांच अधिकारी सोशल मीडिया पर कथित तौर पर पंडित के नाम से की गई उस पोस्ट की भी जांच कर रहे हैं, जिसमें इस फायरिंग की जिम्मेदारी लेने और फिल्म उद्योग के लोगों को धमकी देने की बात कही गई है।

मीडिया प्लेटफॉर्मों पर प्रसारित हो रही एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग ने भी इस जांच को नया मोड़ दिया है। इस क्लिप में पंडित के रूप में पहचाना जाने वाला शख्स यह दावा करता सुनाई दे रहा है कि टाइगर श्रॉफ को बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के साथ अपने पेशेवर संबंधों को लेकर दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज करने के चलते निशाना बनाया गया।

ऑडियो में कथित तौर पर 1998 के काले हिरण शिकार मामले का हवाला देते हुए सलमान खान से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह और बिश्नोई समाज से माफी मांगने की मांग की गई है। इस रिकॉर्डिंग में फिल्म उद्योग के उन अन्य सदस्यों को भी धमकियां दी गई हैं जिन्हें अभिनेता का करीबी माना जाता है।

हालांकि, इस रिकॉर्डिंग की सत्यता और पंडित से जुड़े इन दावों की पुष्टि करना फिलहाल जांच अधिकारियों के लिए एक अहम काम बना हुआ है।

पुरानी फायरिंग घटनाओं से कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस

एक पुलिस सूत्र के मुताबिक, इससे पहले दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में पंजाबी गायक गुरु रंधावा से जुड़े एक जिम के बाहर हुई फायरिंग की जांच के दौरान भी पंडित का नाम सामने आया था।

अधिकारी अब उस मामले और कई राज्यों में हुई जबरन वसूली व लक्षित हमलों की अन्य घटनाओं के बीच संभावित कड़ियों की पड़ताल कर रहे हैं। जांचकर्ताओं को संदेह है कि अलग-अलग राज्यों में मौजूद शूटरों के साथ तालमेल बिठाने के लिए मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।

पुलिस अब गिरोह के संदिग्ध सदस्यों की व्यक्तिगत भूमिका तय करने, हमलों में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए हथियारों के स्रोत का पता लगाने और शूटरों को वित्तीय सहायता मुहैया कराए जाने के पहलुओं की जांच कर रही है।

जांच अधिकारी इस बड़े नेटवर्क की पहचान करने और यह पता लगाने के लिए तिहाड़ व मंडोली जेलों में बंद संदिग्ध गुर्गों से भी पूछताछ कर सकते हैं कि क्या दिल्ली में भी इस तरह के किसी अन्य हमले की योजना बनाई गई थी।

मामले की जांच लगातार जारी है, और अनिल पंडित, गिरफ्तार संदिग्धों और इस फायरिंग की घटना के बीच कथित संबंधों को कानूनी रूप से साबित करने के लिए ठोस सबूत जुटाए जा रहे हैं।

By Rajeev Sharma

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