गोवा (राजीव शर्मा): दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर ने गोवा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस लेने से कुछ ही समय पहले गुरुवार तड़के अपने एक करीबी दोस्त को संदेश भेजकर तबीयत ठीक न होने की बात कही थी। उनका इलाज करने वाले अस्पताल के डॉक्टरों ने यह जानकारी दी है।
75 वर्षीय अभिनेता पणजी के पास डोना पाउला स्थित एक अपार्टमेंट में अपने केयरटेकर के साथ रह रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने यह संदेश तड़के करीब 3:30 बजे भेजा था। उनके दोस्त ने लगभग आधे घंटे बाद संदेश देखा और वे तुरंत पाटेकर के घर की ओर रवाना हो गए।
जब तक दोस्त अपार्टमेंट पहुंचे, पाटेकर कथित तौर पर अचेत हो चुके थे। केयरटेकर ने तुरंत चिकित्सा अधिकारियों से संपर्क किया, जिसके बाद उनके आवास पर एक एम्बुलेंस भेजी गई।
डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल महज कुछ ही मिनटों की दूरी पर था और पाटेकर को अस्पताल ले जाते समय ही आपातकालीन उपचार शुरू कर दिया गया था। इसके बाद उन्हें अस्पताल के भीतर ले जाया गया, जहां चिकित्सा कर्मियों ने उन्हें बचाने के निरंतर प्रयास किए।
डॉ. शेखर सालकर के अनुसार, डॉक्टरों ने लगभग 45 मिनट तक सीपीआर (CPR) दिया। पुनर्जीवित करने के लंबे प्रयासों के बावजूद पाटेकर को होश में नहीं लाया जा सका और सुबह करीब 5:10 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
उनकी मृत्यु से जुड़ी सटीक परिस्थितियों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने एक मेडिको-लीगल मामला दर्ज किया है और पाटेकर के पार्थिव शरीर को परीक्षण के लिए बम्बोलिम स्थित गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया गया है।
पाटेकर के निधन के साथ ही भारतीय सिनेमा में कई दशकों तक फैले एक सुनहरे दौर का अंत हो गया है। वे विशेष रूप से तीव्रता और यथार्थवाद के अद्भुत तालमेल वाले अभिनय के लिए जाने जाते थे, जिसके चलते उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा दोनों में विशिष्ट पहचान बनाई।
उनकी सर्वाधिक लोकप्रिय और सराही गई फिल्मों में परिंदा, प्रहार: द फाइनल अटैक, तिरंगा, क्रांतिवीर और खामोशी: द म्यूजिकल शामिल हैं। उनके शानदार अभिनय के लिए उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से नवाजा गया, साथ ही फिल्मफेयर और महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कारों में भी उन्हें सम्मानित किया गया।
भारतीय सिनेमा में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए उन्हें देश के प्रमुख नागरिक सम्मानों में से एक, पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया था।
सिनेमाप्रेमियों की कई पीढ़ियों के लिए पाटेकर एक ऐसे अभिनेता रहे जिनकी पहचान उनके प्रभावशाली संवाद अदायगी और गहरी भावनात्मक भूमिकाओं से जुड़ी थी। गोवा में उनके अचानक हुए निधन से फिल्म जगत और वर्षों से उनके काम को सराहने वाले दर्शकों के बीच गहरा शोक व्याप्त है।
