तरनतारन में पंजाब वेयरहाउस के जिला प्रबंधक (डीएम) गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में हाईकोर्ट ने पूर्व कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके पीए दिलबाग सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। शुक्रवार को जस्टिस अमन चौधरी की अदालत में मामले की सुनवाई हुई।
यह मामला 21 मार्च का है। गगनदीप सिंह रंधावा ने वीडियो बनाते हुए जहरीला पदार्थ निगल लिया था। आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो में उन्होंने पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और पीए दिलबाग सिंह पर मारपीट और दबाव बनाने के आरोप लगाए थे। इसके बाद अमृतसर पुलिस ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
सुखदेव सिंह भुल्लर और दिलबाग सिंह पुलिस की गिरफ्त से बाहर
मामले के बाद लालजीत सिंह भुल्लर ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया था और बाद में उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया था। वहीं, सुखदेव सिंह भुल्लर और दिलबाग सिंह पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे हैं। दोनों ने पहले स्थानीय अदालत और फिर जिला सत्र अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।
सीबीआई जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर
मामले में मृतक की पत्नी उपिंदर कौर जौली ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे हाल ही में वापस ले लिया गया।
टेंडर को लेकर शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, विवाद पंजाब वेयरहाउस से जुड़े टेंडर को लेकर शुरू हुआ था। आरोप है कि रंधावा को घर बुलाकर मारपीट और धमकी दी गई। आत्महत्या से पहले उन्होंने अधिकारियों को शिकायत देकर गैंगस्टरों से धमकियां मिलने की बात भी बताई थी। हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद दोनों आरोपियों के पास अब सुप्रीम कोर्ट जाने या आत्मसमर्पण करने का विकल्प है।
