अल्बर्टा में डेकेयर की निगरानी और कड़ी करने का प्रस्ताव; अभिभावकों को अनिवार्य सूचना देना होगा जरूरी

कैलगरी (राजीव शर्मा): अल्बर्टा सरकार लाइसेंस प्राप्त बाल-देखभाल (चाइल्डकेयर) केंद्रों में सुरक्षा मानकों को सख्त करने के लिए नए उपाय प्रस्तावित कर रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि डेकेयर प्रदाताओं से जुड़ी गंभीर घटनाओं, नियामक उल्लंघनों और अन्य समस्याओं की समय पर जानकारी माता-पिता तक पहुंचे।

ये प्रस्तावित संशोधन ‘बिल 35’ यानी ‘एजुकेशन एंड चाइल्डकेयर (सिक्योरिंग पैरेंटल इन्वॉल्वमेंट) स्टैच्यूट्स अमेंडमेंट एक्ट, 2026’ का हिस्सा हैं। यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो यह ‘अर्ली लर्निंग एंड चाइल्ड केयर एक्ट’ में संशोधन करेगा, जिससे प्रांतीय सरकार को चाइल्डकेयर लाइसेंस आवेदकों के मूल्यांकन और अर्ली चाइल्डहुड एजुकेटर प्रमाणपत्रों की निगरानी के लिए अतिरिक्त अधिकार मिल जाएंगे।

प्रस्तावित नियमों के तहत, प्रांत किसी भी बाल-देखभाल केंद्र को लाइसेंस जारी करने या नवीनीकृत करने से पहले आवेदक के पेशेवर अनुभव, वित्तीय क्षमता और अन्य नियामक प्राधिकरणों के अनुपालन रिकॉर्ड की जांच कर सकेगा। सरकार का कहना है कि इन अतिरिक्त जांचों से संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान करने में मदद मिलेगी।

यह कानून ‘अल्बर्टा एजुकेशन एंड चाइल्डकेयर’ को अर्ली चाइल्डहुड एजुकेटर सर्टिफिकेशन पर भी अधिक नियंत्रण प्रदान करेगा, जिसमें समाप्ति तिथियां (एक्सपायरी डेट) और नवीनीकरण की शर्तें लागू करने का अधिकार शामिल है। इस कदम का मकसद सर्टिफिकेशन रिकॉर्ड को अद्यतन रखना और सक्रिय कार्यबल की निगरानी को बेहतर बनाना है।

शिक्षा एवं बाल देखभाल मंत्री डेमेट्रियोस निकोलाडेस ने कहा कि माता-पिता को यह भरोसा होना चाहिए कि उनके बच्चों को सुरक्षित और उपयुक्त देखभाल मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित संशोधन सरकारी निगरानी को मजबूत करेंगे, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे और गंभीर मामलों में परिवारों को पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराएंगे।

कार्रवाई का ब्योरा सार्वजनिक करना होगा अनिवार्य

प्रस्तावित कानून का एक बड़ा हिस्सा बाल-देखभाल प्रदाताओं और परिवारों के बीच सीधे संवाद पर केंद्रित है।

यदि इसे मंजूरी मिल जाती है, तो लाइसेंस प्राप्त केंद्र-आधारित और गृह-आधारित दोनों संचालकों को सभी परिवारों को अनुपालन से जुड़ी गंभीर चिंताओं और प्रवर्तन कार्रवाइयों के बारे में सूचित करना अनिवार्य होगा। इनमें प्रशासनिक दंड, लाइसेंस में बदलाव या प्रदाता के लाइसेंस पर लगाई गई विशेष शर्तें शामिल हो सकती हैं।

प्रांत की चाइल्ड-केयर लाइसेंसिंग टीम संचालकों को यह निर्देश भी दे सकेगी कि किसी गंभीर घटना के बाद मंत्रालय द्वारा अनुमोदित सुरक्षा योजना (सेफ्टी प्लान) लागू होने पर वे सभी परिवारों को सूचित करें। ऐसी घटनाओं में बाल शोषण या उपेक्षा के आरोप शामिल हो सकते हैं, जिनकी आपराधिक जांच चल रही हो।

प्रदाताओं के लिए अनुमोदित सुरक्षा योजनाओं का पालन करना और उन्हें माता-पिता के लिए सुलभ बनाना कानूनी रूप से बाध्यकारी होगा। हालांकि ऐसी योजनाएं अल्बर्टा में पहले से उपयोग में हैं, लेकिन प्रस्तावित संशोधन इनके अनुपालन को एक कानूनी दायित्व बना देंगे।

माता-पिता को सीधे सूचित कर सकेगी सरकार

प्रस्तावित विधेयक प्रांतीय सरकार को यह अधिकार भी देगा कि यदि कोई बाल-देखभाल प्रदाता आवश्यक सूचनाएं देने में असमर्थ है या अनिच्छुक है, तो सरकार सीधे परिवारों से संपर्क कर घटनाओं, सुरक्षा जोखिमों या नियामक मुद्दों की जानकारी दे सकेगी।

इसके अलावा, यह उन सीमित परिस्थितियों में वर्चुअल निरीक्षण या निगरानी की भी अनुमति देगा जहां व्यक्तिगत रूप से तुरंत निरीक्षण करना संभव न हो।

जहां किसी गंभीर घटना के चलते मंत्रालय द्वारा अनुमोदित सुरक्षा योजना तैयार की जाती है, वहां इसकी जानकारी बाल-देखभाल केंद्र पर प्रदर्शित करनी होगी। प्रदाताओं को ईमेल या मोबाइल ऐप जैसे माध्यमों से भी परिवारों के साथ संवाद करना आवश्यक होगा।

जिन बच्चों के सीधे प्रभावित होने की पुष्टि होगी, उनके माता-पिता को पहले की तरह जल्द से जल्द अलग से सूचित किया जाता रहेगा।

बाल-देखभाल संचालकों ने किया स्वागत

इन प्रस्तावों को बाल-देखभाल क्षेत्र के प्रतिनिधियों का समर्थन मिला है।

केपलर एकेडमी के अध्यक्ष रॉबर्ट गेरे ने कहा कि परिवारों के साथ विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण देखभाल जरूरी है। उन्होंने प्रस्तावित परिवर्तनों को निगरानी, ​​पेशेवर मानकों और बाल सुरक्षा में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

अल्बर्टा किड्स एंड कंपनी की उपाध्यक्ष लोरिसा व्रिएन्स ने अर्ली चाइल्डहुड एजुकेटर सर्टिफिकेशन में प्रस्तावित बदलावों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बाल देखभाल के लिए योग्य शिक्षक महत्वपूर्ण हैं और उन्होंने बच्चों को सुरक्षित व उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करने की संगठन की प्रतिबद्धता दोहराई।

गोपनीयता और जांच का भी रखा जाएगा ध्यान

अल्बर्टा सरकार ने स्पष्ट किया है कि परिवारों को व्यापक स्तर पर सूचित करने का निर्णय प्रत्येक मामले की परिस्थितियों के आकलन के बाद लिया जाएगा। अधिकारी गोपनीयता के नियमों और जारी जांच पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को भी ध्यान में रखेंगे।

सरकार ने बताया कि हर गंभीर घटना की सूचना स्वतः सभी परिवारों को नहीं भेजी जाएगी। जानकारी साझा करने की रूपरेखा तय करते समय कानूनी विशेषज्ञों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से परामर्श जारी रहेगा।

यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो यह प्रांत के निगरानी अधिकारों का विस्तार करेगा और लाइसेंस प्राप्त बाल-देखभाल प्रदाताओं पर महत्वपूर्ण सुरक्षा व अनुपालन मामलों से परिवारों को अवगत रखने की अतिरिक्त जिम्मेदारी डालेगा।

By Rajeev Sharma

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