शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए अल्बर्टा सरकार ने पेश किया ‘बिल 35’

कैलगरी (राजीव शर्मा): अल्बर्टा सरकार ने एक नया प्रस्तावित कानून पेश किया है, जिसका उद्देश्य माता-पिता को अपने बच्चों की शैक्षणिक प्रगति की स्पष्ट जानकारी देना और प्रांत की शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता को सुदृढ़ करना है।

‘एजुकेशन एंड चाइल्डकेयर (सिक्योरिंग पैरेंटल इन्वॉल्वमेंट) स्टैच्यूट्स अमेंडमेंट एक्ट, 2026’ शीर्षक वाले बिल 35 के पारित होने पर शिक्षा अधिनियम (एजुकेशन एक्ट) में कई अहम संशोधन किए जाएंगे। इन प्रस्तावों में पूरे प्रांत में रिपोर्ट कार्ड के लिए एक समान मानक तय करना, प्रोफेशनल डेवलपमेंट (PD) दिनों के दौरान होने वाली गतिविधियों का व्यापक खुलासा करना और स्कूल स्तर पर अनसुलझी अभिभावकों की शिकायतों के निपटारे के लिए एक संरचित व्यवस्था स्थापित करना शामिल है।

शिक्षा और बाल देखभाल मंत्री डेमेट्रियोस निकोलाडेस ने कहा कि इन बदलावों का उद्देश्य सूचना तक पहुंच को बेहतर बनाकर और पारिवारिक भागीदारी के मजबूत अवसर तैयार करके माता-पिता को उनके बच्चों की शिक्षा के केंद्र में लाना है।

रिपोर्ट कार्ड के लिए प्रांत-स्तरीय मानक

प्रस्तावित कानून के तहत, शिक्षा मंत्री को रिपोर्ट कार्ड के लिए प्रांतीय मानक स्थापित करने का अधिकार मिलेगा। इसका मकसद पूरे अल्बर्टा में छात्र की उपलब्धियों और प्रगति से जुड़ी जानकारी को एक समान और परिवारों के लिए समझने में आसान बनाना है।

हालांकि, रिपोर्ट कार्ड के प्रारूप (फॉर्मेट) और उन्हें माता-पिता तक पहुंचाने के तरीके को तय करने का अधिकार स्कूल बोर्डों के पास ही रहेगा।

PD दिनों की गतिविधियों का ब्योरा सार्वजनिक करेंगे स्कूल

इस विधेयक में प्रोफेशनल डेवलपमेंट (PD) दिनों और अन्य गैर-शैक्षणिक कार्य दिवसों के संबंध में अधिक पारदर्शिता लाने का प्रस्ताव है।

स्कूल प्राधिकरणों को इन दिनों आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और गतिविधियों का विवरण सार्वजनिक रूप से साझा करना होगा, जिससे माता-पिता यह समझ सकें कि शिक्षण सुधार और छात्रों की शैक्षणिक प्रगति के लिए इस समय का उपयोग कैसे किया जा रहा है।

अनसुलझी शिकायतों के समाधान के लिए नई प्रक्रिया

एक अन्य प्रमुख प्रावधान के तहत स्कूल बोर्डों को उन शिकायतों को दर्ज करने और प्रबंधित करने के लिए औपचारिक प्रक्रियाएं स्थापित करनी होंगी, जिनका समाधान मौजूदा स्कूल-स्तरीय तंत्र के जरिए नहीं हो पाता है।

हालांकि, अपनी समस्याएं उठाते समय अभिभावकों से स्थापित स्कूल और स्कूल बोर्ड प्रक्रियाओं का पालन करने की ही अपेक्षा रहेगी। व्यक्तिगत मामलों के समाधान की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित स्कूल बोर्डों की ही होगी।

सरकार का इरादा एक ऐसा ऑनलाइन टूल विकसित करने का भी है जो परिवारों को अपनी चिंताएं दर्ज कराने की प्रक्रिया में मार्गदर्शन दे सके और अधिकारियों को पूरे प्रांत में उभरने वाली समस्याओं की पहचान करने में मदद करे।

स्कूलों के नामकरण के लिए मंत्री की मंजूरी अनिवार्य

बिल 35 वर्ष 2026 के एक अन्य कानून—’एन एक्ट टू रिमूव पॉलिटिक्स एंड आइडियोलॉजी फ्रॉम क्लासरूम्स एंड अमेंड द एजुकेशन एक्ट’—में भी संशोधन करेगा।

प्रस्तावित बदलाव के अनुसार, सरकारी स्कूल बोर्डों को अपनी मिल्कियत वाले किसी स्कूल भवन का नामकरण या नाम परिवर्तन करने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले शिक्षा मंत्री की अनुमति लेनी होगी। मंजूरी मिलने के बाद ही बोर्ड स्थानीय स्तर पर परामर्श कर सकेंगे और अपनी मौजूदा प्रक्रियाओं के तहत अंतिम फैसला ले सकेंगे।

शिक्षा प्रतिनिधियों ने किया समर्थन

इन प्रस्तावों को शिक्षा जगत के प्रतिनिधियों का समर्थन मिला है, जिन्होंने स्कूलों और परिवारों के बीच बेहतर संवाद के महत्व को रेखांकित किया।

एडमोंटन कैथोलिक स्कूल्स की बोर्ड चेयर सैंड्रा पलाज्जो ने कहा कि छात्रों की सफलता के लिए परिवारों के साथ करीबी संबंध बेहद जरूरी हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि एक जैसी और स्पष्ट जानकारी मिलने से माता-पिता को अपने बच्चों की प्रगति समझने और जरूरी अतिरिक्त सहयोग देने में मदद मिलेगी।

अल्बर्टा स्कूल काउंसिल्स एसोसिएशन की अध्यक्ष मेगन पेरिसियन ने कहा कि ये कदम स्कूलों और अभिभावकों के बीच संवाद और भरोसे को मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि जागरूक माता-पिता अपने स्कूल समुदायों को सहयोग देने में अहम भूमिका निभाते हैं।

फोर्ट वर्मिलियन स्कूल डिवीजन के बोर्ड चेयर टिम ड्राइडगर ने इस विधेयक को शिक्षा में अभिभावकों को अधिक स्पष्ट और सुसंगत आवाज देने की दिशा में एक जरूरी कदम बताया। उन्होंने कहा कि छात्र प्रगति और बोर्ड प्रक्रियाओं से जुड़ी जानकारियों को अधिक सुलभ बनाने से आपसी विश्वास और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो यह पारदर्शिता से जुड़े नए नियम लागू करेगा और परिवारों के लिए अपने बच्चों की शिक्षा से संबंधित जानकारी प्राप्त करने व चिंताओं को उठाने के अधिक सुव्यवस्थित रास्ते तैयार करेगा।

By Rajeev Sharma

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