मुंबई (राजीव शर्मा): अधिकारियों ने बताया कि खुफिया जानकारी पर आधारित एक समुद्री अभियान के तहत लक्षद्वीप के पश्चिम में अरब सागर में संदिग्ध नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप ले जा रही ईरानी ध्वज वाली नाव (धो) को पकड़ा गया है।
नाव की संदिग्ध आवाजाही के संबंध में मिले खुफिया इनपुट के आधार पर यह अभियान भारतीय तटरक्षक बल (ICG), गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) और केंद्रीय खुफिया एजेंसी द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया।
तटरक्षक इकाइयों ने अरब सागर से गुजर रही इस नाव का पता लगाया और उस पर लगातार निगरानी बनाए रखी। निरंतर ट्रैकिंग के बाद नाव का पीछा किया गया और अधिकारियों ने उस पर नियंत्रण कर लिया।
अधिकारियों के अनुसार, नाव की तलाशी लेने पर 526 किलोग्राम हेरोइन और मेथामफेटामाइन बरामद हुई, जिसकी अवैध अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 3,000 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
अभियान के दौरान चालक दल के पांच सदस्यों को हिरासत में लिया गया, जिनकी पहचान पाकिस्तानी नागरिकों के रूप में हुई है। पकड़ी गई नाव और हिरासत में लिए गए चालक दल को मुंबई लाया गया है, जहां कई एजेंसियों की संयुक्त जांच दल द्वारा इस खेप के स्रोत, इसके संभावित गंतव्य और तस्करी नेटवर्क में शामिल अन्य संपर्कों की पड़ताल की जाएगी।
जैसे-जैसे मामले की जांच आगे बढ़ेगी, जांचकर्ताओं द्वारा अंतरराष्ट्रीय ड्रग-तस्करी सिंडिकेट से इसके संभावित तारों की भी जांच किए जाने की उम्मीद है।
यह जब्ती भारत के पश्चिमी समुद्री तट पर संदिग्ध सीमा पार नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने में समुद्री निगरानी और खुफिया एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की अहम भूमिका को रेखांकित करती है। अधिकारियों ने कहा कि विस्तृत जांच और आगामी कानूनी कार्रवाई से इस जब्त खेप से जुड़े पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होगा।
