शिमला(ब्यूरो): भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लोकतंत्र में आरोप लगाना राजनीतिक अधिकार है, लेकिन गंभीर आरोपों को प्रमाणों के साथ साबित करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी चुनौतियों का सामना कर रही कांग्रेस को चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले अपनी राजनीतिक रणनीति तथा संगठनात्मक कमजोरियों का आत्ममंथन करना चाहिए।
श्रीकांत शर्मा ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता का विश्वास केवल बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप से नहीं जीता जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बार-बार चुनावी प्रक्रिया और संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं, लेकिन ऐसे दावों को साबित करने के लिए ठोस दस्तावेज और प्रमाण सार्वजनिक चर्चा का महत्वपूर्ण हिस्सा होने चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना जरूरी है, लेकिन तथ्यों के आधार पर जवाबदेही तय करना भी उतना ही आवश्यक है।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले दिए गए ‘चौकीदार चोर है’ नारे का उल्लेख करते हुए शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने उस समय भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के खिलाफ आक्रामक राजनीतिक अभियान चलाया था, लेकिन चुनावी नतीजे पार्टी के पक्ष में नहीं आए। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस को बार-बार अपनी राजनीतिक छवि दोबारा स्थापित करने की कोशिश करने के बजाय जनता की अपेक्षाओं, संगठनात्मक मजबूती और प्रभावी नीतियों पर ध्यान देना चाहिए।
मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर श्रीकांत शर्मा ने कहा कि यदि कांग्रेस के पास किसी प्रकार की गड़बड़ी के ठोस प्रमाण हैं, तो उन्हें संबंधित चुनाव अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है, लेकिन किसी भी पात्र नागरिक का नाम निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और उचित अवसर के बिना नहीं हटाया जाना चाहिए।
शर्मा ने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगाए जा रहे हैं, तो पार्टी को संबंधित मामलों, दस्तावेजों और शिकायतों का स्पष्ट विवरण सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावी संस्थाओं की निष्पक्षता पर उठने वाले सवालों का समाधान राजनीतिक बयानबाजी के बजाय तथ्यात्मक जांच और संवैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से होना चाहिए।
भाजपा प्रदेश प्रभारी ने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला मतदाता करते हैं और प्रत्येक राजनीतिक दल को जनादेश का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर ठोस नीतियों, प्रमाण आधारित संवाद और संगठनात्मक सुधारों पर ध्यान देने की अपील की।
