भ्रामक विज्ञापनों और नियमों के उल्लंघन पर सख्त हुआ CCPA, वॉकी-टॉकी की बिक्री पर भी कार्रवाई तेज

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने ‘होगर टेक्नोलॉजीज एंड इनोवेशन एलएलपी’ पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी ने वॉकी-टॉकी के भ्रामक विज्ञापन दिए और ऐसी उत्पाद प्रविष्टि की, जिनमें परिचालन आवृत्ति, लाइसेंस आवश्यकता जैसी जरूरी नियामक जानकारी नहीं दी गई थी। यह आदेश सीसीपीए ने ‘उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019’ के तहत जारी किया है, जिसकी अध्यक्षता मुख्य आयुक्त श्रीमती निधि खरे और आयुक्त श्री अनुपम मिश्रा कर रहे थे।

यह कार्रवाई सीसीपीए द्वारा उन भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं के खिलाफ की जा रही है, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और वेबसाइटों पर वॉकी-टॉकी (व्यक्तिगत मोबाइल रेडियो) की प्रविष्टि, विज्ञापन और बिक्री से जुड़े हैं।

सीसीपीए ने पाया कि नियामक जरूरतों के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी गई थी

अपने हाल के आदेश में, सीसीपीए ने ‘होगर टेक्नोलॉजीज एंड इनोवेशन एलएलपी’ की वेबसाइट पर मौजूद विभिन्न वॉकी-टॉकी मॉडल के विज्ञापनों और उत्पाद प्रविष्टि की जांच की। प्राधिकरण ने पाया कि इन प्रविष्टियों में उपकरण की परिचालन आवृत्ति, लाइसेंस की जरूरतें और जरूरी नियामक मंजूरियों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी। ऐसी जानकारी छिपाने से उपभोक्ता गुमराह हो सकते हैं और उन्हें लग सकता है कि इन उपकरण को बिना किसी अपेक्षित सरकारी मंजूरी के कानूनी रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है।

‘लो पावर और वैरी लो पावर वाले शॉर्ट-रेंज रेडियो आवृति उपकरण (लाइसेंस की आवश्यकता से छूट) नियम, 2018′ के तहत, 446.0–446.2 मीहर्ट्ज़ की निर्धारित आवृति सीमा में काम करने वाले व्यक्तिगत मोबाइल रेडियो को, कुछ शर्तों के साथ, लाइसेंस लेने की आवश्यकता से छूट दिया गया है। इस छूट वाली आवृति सीमा के बाहर काम करने वाले अन्य वायरलेस रेडियो आवृति उपकरण पर संबंधित नियामक नियम लागू होते हैं।

कार्रवाई के दौरान, कंपनी ने बताया कि उसके पास एक वैध ‘डीलर पजेसिंग लाइसेंस’ (डीपीएल) है और उसके उपकरण ‘उपकरण प्रकार मंजूरी’ (ईटीए) प्रमाणन के दायरे में आते हैं। कंपनी ने यह भी तर्क दिया कि उसकी वेबसाइट मुख्य रूप से जानकारी देने और संभावित ग्राहकों को जुटाने के लिए है और इस पर सीधे ऑनलाइन लेन-देन की सुविधा नहीं है।

कंपनी के तर्कों, जांच के नतीजों और रिकॉर्ड में मौजूद दस्तावेजों की समीक्षा करने के बाद, सीसीपीए ने कहा कि नियामक मंजूरियां होने का मतलब यह नहीं है कि विज्ञापन देने वाला व्यक्ति उपभोक्ताओं को खरीदारी से पहले सटीक, पूरी और महत्वपूर्ण जानकारी देने की अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो जाता है।

वेबसाइट के जरिए उत्पादों का प्रचार भी उपभोक्ता संरक्षण नियमों के दायरे में आता है

सीसीपीए ने आगे कहा कि अगर किसी वेबसाइट पर ऑनलाइन पेमेंट गेटवे या शॉपिंग कार्ट की सुविधा नहीं है, तो भी वहां किए गए प्रचार ‘उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019’ के तहत ‘भ्रामक विज्ञापनों’ के दायरे में आ सकते हैं। विज्ञापनों और उत्पादों की प्रविष्टि में लागू नियामक नियमों के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए, चाहे उत्पाद अंततः किसी भी तरीके से बेचे जाएं।

प्राधिकरण ने गौर किया कि परिचालन आवृति और लाइसेंस नियमों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी न देने से उपभोक्ता उन शर्तों को लेकर गुमराह हो सकते हैं, जिनके तहत विज्ञापित उपकरण को कानूनी रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसी जानकारी छिपाने से उपभोक्ताओं को कानूनी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, और वे सही जानकारी के आधार पर खरीदारी का फैसला नहीं ले पाएंगे।

इस आधार पर, सीसीपीए ने पाया कि मेसर्स होगर टेक्नोलॉजीज एंड इनोवेशन एलएलपी का आचरण ‘उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019’ के उन प्रावधानों का उल्लंघन है, जो भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं से संबंधित हैं।

वॉकी-टॉकी की ऑनलाइन प्रविष्टि के खिलाफ सीसीपीए की कार्रवाई

सीसीपीए ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर वॉकी-टॉकी की बड़े पैमाने पर प्रविष्टि और बिक्री का स्वतः संज्ञान लिया था, जिसमें जरूरी विनियामक जानकारी नहीं दी गई थी। जांच के दौरान, विभिन्न प्लेटफॉर्म पर 16,970 से अधिक ऐसी प्रविष्टियां मिलीं, जो नियमों का पालन नहीं कर रही थीं। इसके बाद, अमेज़न, फ्लिपकार्ट, मीशो, मेटा (फेसबुक मार्केटप्लेस), जियोमार्ट, इंडियामार्ट और ट्रेडइंडिया समेत 13 ई-कॉमर्स कंपनियों को नोटिस जारी किए गए।

प्राधिकरण ने अब तक 12 कंपनियों के खिलाफ अंतिम आदेश जारी किए हैं। वॉकी-टॉकी से जुड़े भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं के लिए इन पर कुल 58 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनमें अमेज़न सेलर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड, मीशो प्राइवेट लिमिटेड, मेटा प्लेटफॉर्म्स और ट्रेडइंडिया (इन्फोकॉम नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड) में से प्रत्येक पर 10-10 लाख रुपये का जुर्माना शामिल है। इसके अलावा, जियोमार्ट (रिलायंस रिटेल लिमिटेड), चिमिया, मास्कमैन टॉयज, टॉक प्रो (आइकॉनेट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड), संचार वायरलेस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, अंतरिक्ष टेक्नोसिस प्राइवेट लिमिटेड और होगर टेक्नोलॉजीज एंड इनोवेशन एलएलपी में से प्रत्येक पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

कुछ कंपनियों ने सीसीपीए के आदेशों और शुरू की गई कार्यवाही को न्यायिक पीठों में चुनौती दी है। अमेज़न सेलर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड ने प्राधिकरण के आदेशों को चुनौती देते हुए कर्नाटक उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। मेटा प्लेटफॉर्म्स और ट्रेडइंडिया (इन्फोकॉम नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड) ने 10-10 लाख रुपये के जुर्माने वाले आदेशों के खिलाफ राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) में अपील की है। ट्रेडइंडिया के मामले में, एनसीडीआरसी ने कंपनी को जुर्माने की रकम जमा करने का निर्देश दिया है। इंडियामार्ट इंटरमेश लिमिटेड ने भी सीसीपीए की कार्यवाही को चुनौती देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है, जबकि यह मामला अभी भी प्राधिकरण के पास विचाराधीन है।

सीसीपीए ने पारदर्शी विनियामक जानकारी देने के महत्व पर जोर दिया

सीसीपीए ने फिर दोहराया कि वॉकी-टॉकी के विज्ञापनों और उत्पाद प्रविष्टि में परिचालन आवृति, अपेक्षित लाइसेंस आवश्यकताओं और अन्य महत्वपूर्ण विनियामक जानकारियों का स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए, ताकि उपभोक्ता सही जानकारी के आधार पर अपना फैसला ले सकें। इस तरह का खुलासा उन उत्पादों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जिनके कानूनी उपयोग के लिए कुछ विशिष्ट विनियामक शर्तें लागू होती हैं।

प्राधिकरण ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने, भ्रामक विज्ञापनों को रोकने और अनुचित व्यापार प्रथाओं से निपटने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। यह विशेष रूप से उन उत्पादों के संदर्भ में है, जिनमें विनियामक अनुपालन और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े पहलू शामिल होते हैं।

अंतिम आदेश सीसीपीए की वेबसाइट https://ccpa.doca.gov.in/ पर उपलब्ध है।12वां ब्रिक्स संसदीय मंच कल संसद भवन परिसर में आयोजित होगा

नई दिल्ली(राजीव शर्मा)भारतीय संसद 26 अक्टूबर 2026 को 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच (BRICS Parliamentary Forum) की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है।

दो दिवसीय इस मंच के शुभारंभ से पूर्व, लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने रूसी संघ की फेडरल असेंबली के स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष महामहिम श्री व्याचेस्लाव वोलोडिन के नेतृत्व वाले रूसी संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ एक द्विपक्षीय बैठक की।

बैठक के दौरान, भारतीय और रूसी संसदीय प्रतिनिधिमंडलों ने वैश्विक मंचों पर सहयोग को मजबूत करने और आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। भारतीय संसद और 1.4 अरब भारतीयों की ओर से श्री वोलोडिन और उनके प्रतिनिधिमंडल का हार्दिक स्वागत करते हुए श्री बिरला ने भारत और रूस के बीच आपसी विश्वास, सम्मान और साझा आकांक्षाओं पर आधारित विशेष एवं समय की कसौटी पर खरी उतरी मित्रता को रेखांकित किया। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में रूस के निरंतर समर्थन की भी सराहना की और इस बात पर बल दिया कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद के प्रति एकजुटता और संकल्प प्रदर्शित करना चाहिए तथा वैश्विक शांति के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

यह उल्लेख करते हुए कि 2027 में दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों के 80 वर्ष पूरे कर लेंगे, उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व में ‘भारत-रूस विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ (India-Russia Special and Privileged Strategic Partnership) और अधिक मजबूत हुई है।

संसदीय कूटनीति के महत्व पर जोर देते हुए श्री बिरला ने ‘भारत-रूस अंतर-संसदीय आयोग’ (India-Russia Inter-Parliamentary Commission) की नियमित बैठकों और संसदीय प्रतिनिधिमंडलों, विशेष रूप से युवा और महिला सांसदों के आदान-प्रदान के माध्यम से लोकसभा और स्टेट ड्यूमा के बीच निरंतर संस्थागत जुड़ाव का आह्वान किया।

2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का संदर्भ देते हुए श्री बिरला ने जन-केंद्रित (people-centric) दृष्टिकोण के महत्व पर बल दिया और ब्रिक्स संसदों के बीच सहयोग को मजबूत करने में रूस से सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद सहित समकालीन वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं को बदलते वैश्विक परिवेश के प्रति अधिक उत्तरदायी बनाने के महत्व पर जोर दिया। श्री बिरला ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधारों की आवश्यकता को भी दोहराया और परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए रूस के निरंतर समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया।

बैठक के दौरान, श्री बिरला ने परमाणु ऊर्जा, उद्योग तथा अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के अवसरों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जनता के बीच आपसी संपर्कों (people-to-people contacts) को द्विपक्षीय संबंधों के महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में रेखांकित करते हुए कहा कि भारत और रूस के लोगों के बीच गहरा स्नेह और सद्भावना, सहयोग के और अधिक विस्तार के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है।

व्यापार, उद्योग और कृषि के क्षेत्र में सहयोग के बढ़ते दायरे का उल्लेख करते हुए स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष महामहिम श्री व्याचेस्लाव वोलोडिन ने संयुक्त व्यापार उपक्रमों (joint business ventures) को बढ़ावा देने तथा द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों सहित स्टेट ड्यूमा और भारत की संसद के बीच नियमित आदान-प्रदान के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने सांस्कृतिक और मानवीय क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने तथा दोनों देशों की जनता के बीच आपसी संपर्क को प्रगाढ़ करने के प्रति रूस की प्रतिबद्धता दोहराई। भारत-रूस संबंधों के भविष्य के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि निरंतर संसदीय जुड़ाव और विभिन्न क्षेत्रों में घनिष्ठ सहयोग दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी को और गहरा करने में योगदान देगा।

बाद में, श्री बिरला ने क्यूबा, मिस्र और बेलारूस के संसदीय प्रतिनिधिमंडलों से भी मुलाकात की ।

सोमवार को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे और आए हुए प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों से मुलाकात करेंगे।

यह मंच “जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को सशक्त बनाना” (Strengthening Parliaments for People-Centric Development) के मुख्य विषय (overarching theme) पर विचार-विमर्श करेगा। यह लचीलापन (Resilience), नवाचार (Innovation), सहयोग (Cooperation) और स्थिरता (Sustainability) विषयों पर आधारित चार उच्च स्तरीय सत्रों के माध्यम से सर्वसम्मति-आधारित संवाद को सुगम बनाएगा।

इसके अतिरिक्त, ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों की संसदों की अंतर्राष्ट्रीय मामलों की समितियों के अध्यक्षों की एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें संसदीय कूटनीति, क्षमता निर्माण और सर्वोत्तम प्रथाओं (best practices) के आदान-प्रदान पर चर्चा होगी।

उच्च स्तरीय पूर्ण सत्रों, समानांतर बैठकों और द्विपक्षीय वार्ताओं के साथ-साथ सम्मेलन में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया जाएगा। भारत के उपराष्ट्रपति विशिष्ट अतिथियों के सम्मान में रात्रिभोज (banquet) की मेजबानी करेंगे।

सम्मेलन का समापन 27 अक्टूबर 2026 को होगा।

एशियाई पैरा खेल 2026 में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 114 पदक जीतने पर पीएम मोदी ने जताई खुशी
नई दिल्ली(राजीव शर्मा):प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज हाल ही में संपन्न हुए एशियाई पैरा खेल 2026 में भारत के पैरा-एथलीटों की असाधारण उपलब्धि की सराहना की।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि रिकॉर्ड 114 पदकों के रिकार्ड के साथ, यह इन खेलों में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है, और यह पूरे देश के लिए अत्यंत गर्व एवं खुशी का अवसर है। उन्होंने दल के प्रत्येक सदस्य को उनके असाधारण दृढ़ संकल्प के लिए बधाई दी और कहा कि प्रत्येक खिलाड़ी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि में योगदान दिया है तथा अपनी उपलब्धियों से अनगिनत भारतीयों को प्रेरित किया है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर साझा किया;

“हाल ही में संपन्न हुए एशियाई पैरा खेल 2026 में हमारे पैरा-एथलीटों ने क्या असाधारण उपलब्धि हासिल की है!

रिकॉर्ड 114 पदकों के साथ यह इन खेलों में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यह पूरे देश के लिए अत्यंत गर्व और खुशी का अवसर है!

मैं अपने दल के प्रत्येक सदस्य को उनके असाधारण दृढ़ संकल्प के लिए बधाई देता हूँ।

प्रत्येक खिलाड़ी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि में योगदान दिया है और अपनी उपलब्धियों से अनगिनत भारतीयों को प्रेरित किया है।”

By Rajeev Sharma

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