नई दिल्ली(राजीव शर्मा):प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने साहस और बुद्धिमत्ता के गुणों को उजागर करने वाला एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया:
“अद्वैधमनसं युक्तं शूरं धीरं विपश्चितम्।
न श्रीः सन्त्यजते नित्यमादित्यमिव रश्मयः॥”
इसमें कहा गया है कि समृद्धि सदा साहसी, दृढ़, बुद्धिमान और बलवान व्यक्ति के साथ रहती है, ठीक उसी प्रकार जैसे सूर्य की किरणें सदा सूर्य के साथ रहती हैं।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
अद्वैधमनसं युक्तं शूरं धीरं विपश्चितम्।
न श्रीः सन्त्यजते नित्यमादित्यमिव रश्मयः॥
