नई दिल्ली(राजीव शर्मा):प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY), जिसे देश में वर्ष 2016-17 से कार्यान्वित किया गया है, राज्यों के साथ-साथ किसानों के लिए भी स्वैच्छिक है। यह योजना संबंधित राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित फसलों/क्षेत्रों के लिए बुआई पूर्व से लेकर फसलोपरांत तक, गैर-निवारणीय प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों को होने वाले नुकसान के विरुद्ध में व्यापक जोखिम बीमा प्रदान करती है। जंगली जानवरों के कारण फसलों को होने वाले नुकसान, जिसे रोका जा सकता है, को पहले इस योजना के अंतर्गत कवर नहीं किया गया था। तथापि, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय एवं राज्य सरकारों के अनुरोध पर, राज्यों को व्यक्तिगत आकलन के आधार पर जंगली जानवरों द्वारा होने वाले नुकसान को ऐडऑन कवर के रूप में अधिसूचित करने की अनुमति दी गई है, जिसका खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इस तरह के कवरेज के लिए विस्तृत प्रोटोकॉल योजना के प्रचालन दिशानिर्देशों में दिया गया है।
जलभराव को जोखिम कवर के रूप में PMFBY के अंतर्गत सभी अधिसूचित फसलों के लिए उपलब्ध कराया गया है। तथापि, स्थानीय दावों के मामलों को छोड़कर हाइड्रोफिलिक फसलों जैसे कि धान, पटसन, मेस्टा, गन्ना आदि फसलों के लिए बीमा कवर उपलब्ध है।
यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
