पहले चरण के लिए 170 एकड़ भूमि चिह्नित, 24 वैश्विक कंपनियों ने शुरू की आवेदन प्रक्रिया

नई दिल्ली(राजीव शर्मा): ग्वालियर भारत के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र (टीएमजेड) के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यहां एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र स्थापित किया जाएगा। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (साडा – एसएडीए, ग्वालियर) में प्रस्तावित टीएमजेड के लिए चिन्हित स्थल का निरीक्षण किया।

प्रस्तावित टीएमजेड लगभग ₹5,500 करोड़ के निवेश के साथ स्थापित किया जाएगा और इससे 18,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल एक औद्योगिक इकाई स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्वालियर में 24-25 दूरसंचार विनिर्माण इकाइयों वाला एक संपूर्ण औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने की दिशा में है। इन इकाइयों में दूरसंचार उपकरणों और विभिन्न प्रकार के कलपुर्जों का निर्माण किया जाएगा, जिससे ग्वालियर की उभरते दूरसंचार विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थिति मजबूत होगी।

पहले चरण के लिए 170 एकड़ भूमि चिन्हित

प्रस्तावित दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के लिए साडा में 90 से अधिक एकड़ और आईटी पार्क में 70 से अधिक एकड़, यानी कुल लगभग 170 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है।श्री सिंधिया ने कहा कि निवेशकों की ओर से काफी रुचि दिखाई गई है और वर्तमान में प्राप्त आवेदन उपलब्ध भूमि से भी अधिक हैं। इसके अनुसार, दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के पहले चरण के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि चिन्हित की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार भूमि आवंटन बढ़ाया जाएगा।

एसएडीए की स्थापना मूल रूप से ग्वालियर को एक नए औद्योगिक केंद्र और दिल्ली के काउंटर मैग्नेट सिटी के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से की गई थी। प्रस्तावित दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र ग्वालियर में एशिया का पहला समर्पित दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र स्थापित करके इसी औद्योगिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगा।

5,500 करोड़ रुपये के निवेश के लिए 24 कंपनियों ने आवेदन प्रक्रिया शुरू की

जुलाई 2026 में केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में दूरसंचार विभाग और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद अगस्त में दिल्ली और मुंबई में निवेशक सम्मेलन आयोजित किए गए, जिनका नेतृत्व केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया।

दिल्ली में आयोजित निवेशक सम्मेलन में लगभग 3,500 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धताएं सामने आईं, जिससे करीब 14,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। वहीं अगस्त में मुंबई में आयोजित सम्मेलन में लगभग 2,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धताएं मिलीं, जिनसे करीब 4,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।

श्री सिंधिया ने स्पष्ट किया कि ये निवेश केवल मौखिक प्रतिबद्धताएं नहीं हैं। रुचि दिखाने वाली कंपनियों से भूमि आवंटन के समय आवेदन प्रक्रिया में शामिल होने को कहा गया था। इसके परिणामस्वरूप अब 24 कंपनियों ने दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र में अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार की ओर से आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज

श्री सिंधिया ने दूरसंचार विनिर्माण उद्योग के लिए एक आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मध्य प्रदेश सरकार को धन्यवाद दिया। इस पैकेज में लैंड लीज, बिजली, रोजगार और उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहनों के साथ-साथ पर्यावरणीय स्थिरता और हरित विकास पर केंद्रित प्रोत्साहन शामिल हैं। इसके अलावा, दूरसंचार विभाग ने लगभग ₹500 करोड़ के कॉमन टेस्टिंग लैब पैकेज का प्रस्ताव दिया है।

कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और कुशल प्रतिभा से बढ़ेगी ग्वालियर की प्रगति

श्री सिंधिया ने ग्वालियर की कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और कुशल मानव संसाधनों को टीएमजेड के विकास के लिए प्रमुख शक्तियों के रूप में रेखांकित किया। दिल्ली और पूरे उत्तर भारत के प्रमुख बाजारों के साथ ग्वालियर की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए लगभग 120 किलोमीटर लंबे आगरा-ग्वालियर हाई-स्पीड कॉरिडोर का विकास किया जा रहा है, जिससे यह शहर प्रमुख औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्रों के करीब आ जाएगा।

ग्वालियर प्रमुख रेलवे मार्गों पर भी स्थित है, जो देश के विभिन्न हिस्सों में माल और मानव संसाधनों की आवाजाही को आसान बनाता है। शहर के हवाई अड्डे को रिकॉर्ड 16 महीनों में लगभग ₹650 करोड़ की लागत से विकसित किया गया है, जिससे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु सहित प्रमुख शहरों के साथ हवाई संपर्क और मजबूत हुआ है।

ग्वालियर में इंजीनियरिंग संस्थानों का भी एक मजबूत आधार है, जहां हर साल लगभग 25,000 इंजीनियरिंग छात्र स्नातक होते हैं। इससे दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के लिए आवश्यक तकनीकी और कुशल कार्यबल की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

टीएमजेड को टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग के छह प्रमुख कार्यक्षेत्रों (वर्टिकल्स) को कवर करने वाले एक संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में नियोजित किया जा रहा है। श्री सिंधिया ने कहा कि भारत सरकार, मध्य प्रदेश सरकार और सभी संबंधित विभाग निवेशकों को ग्वालियर में अपनी विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

ग्वालियर में एशिया के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (टीएमजेड) की स्थापना शहर के औद्योगिक विकास में एक नया अध्याय जोड़ती है और श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी के औद्योगिक दृष्टिकोण और विरासत को आगे बढ़ाती है।

श्री सिंधिया ने यह भी घोषणा की कि ग्वालियर के अपने दो दिवसीय दौरे के बाद, वे 22 सितंबर को टेलीकॉम क्षेत्र के निवेशकों के साथ एक रोडशो में भाग लेने के लिए बेंगलुरु जाएंगे।

By Rajeev Sharma

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