लुधियाना में 346वें मासिक विधवा राशन एवं सहायता वितरण समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

चंडीगढ़,(बलविंदर सिंह):हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसी भी समाज की महानता उसकी आर्थिक समृद्धि से नहीं, बल्कि कमजोर, असहाय और जरूरतमंद लोगों के प्रति उसके व्यवहार से मापी जाती है। जो समाज अपने वंचित और जरूरतमंद वर्ग की चिंता करता है, वही वास्तव में प्रगतिशील और संवेदनशील समाज कहलाता है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को पंजाब के लुधियाना स्थित ज्ञान स्थल मंदिर में आयोजित 346वें मासिक विधवा राशन एवं सहायता वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने ज्ञान स्थल मंदिर सेवा सोसाइटी को 11 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा भी की।
346 महीनों से निरंतर सेवा का अनूठा अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1997 में स्वर्गीय जगदीश बजाज द्वारा शुरू किया गया यह सेवा अभियान आज एक विशाल जनकल्याणकारी आंदोलन का रूप ले चुका है। लगातार 346 महीनों तक जरूरतमंद विधवा माताओं और बहनों तक सहायता पहुंचाना अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आज जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद प्रभावित परिवारों के लिए रवाना किए गए 64वें राहत सामग्री ट्रक की भी सराहना की।

उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा अब तक 1 लाख 65 हजार से अधिक जरूरतमंद विधवा परिवारों को राशन वितरित किया जा चुका है। कोविड-19 महामारी जैसे चुनौतीपूर्ण दौर में भी संस्था के स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाने का कार्य किया। इसके अतिरिक्त संस्था द्वारा 385 दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल उपलब्ध करवाई गई हैं, 1 लाख 15 हजार से अधिक महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित की गई हैं तथा 25 हजार से अधिक बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा प्रदान कर उनके भविष्य को नई दिशा देने का कार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्था केवल सहायता वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली इसकी पहलें समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन रही हैं।

महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है हरियाणा सरकार
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार माताओं, बहनों और बेटियों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। प्रदेश में विधवा महिलाओं को 3,200 रुपये मासिक पेंशन प्रदान की जा रही है। दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को 2,100 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है, जबकि हर घर-हर गृहिणी योजना के अंतर्गत 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, लखपति दीदी अभियान, स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण तथा महिला सुरक्षा और शिक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में 81 नए कॉलेज खोले गए हैं, जिनमें 31 कॉलेज विशेष रूप से छात्राओं के लिए स्थापित किए गए हैं। राज्य सरकार बेटियों को स्नातकोत्तर स्तर तक निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध करा रही है, ताकि वे शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति का वास्तविक उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का उत्थान करना और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना है। उन्होंने कहा कि लुधियाना में विधवा माताओं और बहनों को सहायता उपलब्ध कराने का यह अभियान अंत्योदय के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक प्रेरणादायी प्रयास है। ऐसी सामाजिक संस्थाएं राष्ट्रसेवा, मानवता और जनकल्याण की भावना को सुदृढ़ करते हुए समाज को नई दिशा प्रदान कर रही हैं।

By Balwinder Singh

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