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Sep
नई दिल्ली(राजीव शर्मा):मेरे मित्र राष्ट्रपति श्री मैक्रोन, गणमान्य व्यक्तियों, उपस्थित विशिष्ट प्रतिभागियों, नमस्कार! प्रथम अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन का हिस्सा बनकर मुझे अत्यधिक प्रसन्नता हो रही है। राष्ट्रपति श्री मैक्रोन को उनके सौहार्दपूर्ण निमंत्रण और इस समयोचित पहल के लिए धन्यवाद। सदियों से अंतरिक्ष ने हमारी कल्पना को प्रेरित किया है। आज यह पृथ्वी पर, जलवायु और फसलों से लेकर महासागरों और समुदायों तक जीवन को आकार दे रहा है। अंतरिक्ष की संभावनाएं अनंत हैं। हमारा उत्तरदायित्व सामूहिक है। जैसे-जैसे ऑर्बिट में भीड़भाड़ बढ़ती जा रही हैं, प्रौद्योगिकियां अधिक विकसित हो रही हैं और संबंधित देशों की संख्या बढ़ रही…
