नई दिल्ली(राजीव शर्मा):भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने 10.09.2026 को ‘सेवा की गुणवत्ता के मानक (टेलीविन चैनलों में विज्ञापनों की अवधि) (निरसन) विनियम, 2026 (2026 का 4)’ जारी किया। इसका उद्देश्य 14 मई 2012 को जारी हुए ‘सेवा की गुणवत्ता के मानक (टेलीविन चैनलों में विज्ञापनों की अवधि) विनियम, 2012 (2012 का 15)’) और उसके तहत जारी सभी आदेशों एवं निर्देशों को रद्द करना है। यह विनियम सरकारी गजट में इसकी अधिसूचना जारी होने की तिथि से लागू होगा।
‘सेवा की गुणवत्ता के मानक (टेलीविजन चैनलों में विज्ञापनों की अवधि) विनियम, 2012′ के तहत, किसी कार्यक्रम के प्रसारण के दौरान एक घंटे में विज्ञापनों की अधिकतम अवधि बारह मिनट तय की गई थी। ये विनियम प्राधिकरण को ग्राहकों के हितों की रक्षा करने या विनियमों का पालन सुनिश्चित करने हेतु सेवा प्रदाताओं को आदेश या निर्देश जारी करने का अधिकार देते थे।
इन विनियमों का मुख्य उद्देश्य ‘केबल टेलीविन नेटवर्क नियम, 1994’ के नियम 7, उप-नियम (11) के तहत तय विज्ञापन की अवधि की सीमा की निगरानी करना और उसे लागू करना था, ताकि सेवा की गुणवत्ता बनी रहे।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) ने 21 अगस्त 2026 को सरकारी गजट में प्रकाशित एक अधिसूचना के जरिए, केबल टेलीविज़न नेटवर्क नियम, 1994 के नियम 7 के उप-नियम (11) को हटा दिया है। इससे टेलीविजन चैनलों के लिए विज्ञापनों की अवधि पर लगी 12 मिनट की सीमा खत्म हो गई है। यह सीमा टेलीविजन प्रसारण क्षेत्र में आए बड़े बदलावों, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए हटाई गई है। इसका उद्देश्य टेलीविजन प्रसारण क्षेत्र में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना और व्यवसाय करने में आसानी को सुनिश्चित करना है।
केन्द्र सरकार द्वारा विज्ञापन की अवधि की सीमा हटाए जाने के बाद, ट्राई के नियमों के तहत इससे जुड़े विनियामक प्रावधानों को जारी रखना ‘केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994’ के नियम 7(11) के अनुरूप नहीं होगा।
तदनुसार, केन्द्र सरकार के निर्णय के साथ तालमेल बिठाने हेतु, प्राधिकरण ने ‘सेवा की गुणवत्ता के मानक (टेलीविन चैनलों में विज्ञापनों की अवधि) विनियम, 2012’ और इसके तहत जारी सभी आदेशों एवं निर्देशों को निरसित करने का निर्णय किया है। यह निर्णय ‘सेवा की गुणवत्ता के मानक (टेलीविन चैनलों में विज्ञापनों की अवधि) (निरसन) विनियम, 2026′ के सरकारी गजट में जारी होने की तिथि से लागू होगा।
