भारत के डेटा सेंटर उद्योग में $200 बिलियन निवेश की बड़ी संभावनाएं: पीयूष गोयल

नई दिल्ली(राजीव शर्मा): केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में आयोजित “भारत के डेटा सेंटर इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए व्यापार सुगमता (ईओडीबी)” विषय पर सीईओ गोलमेज सम्मेलन में कहा कि भारत डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए विश्व का सर्वश्रेष्ठ स्थान है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री गोयल ने कहा कि इस गोलमेज सम्मेलन ने डेटा सेंटर उद्योग के हितधारकों के साथ इस सेक्‍टर को और बढ़ावा देने तथा भारत में व्यापार सुगमता बढ़ाने के लिए एक सार्थक और उपयोगी मंच प्रदान किया।

श्री गोयल ने वैश्विक अनिश्चितता और अस्थिरता के बीच भारत की विकास संभावनाओं पर विश्वास व्यक्त किया और पहली तिमाही में देश की 7.8 प्रतिशत वृद्धि का उल्लेख किया। उन्होंने भारत की जनता और प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को उनके निर्णायक नेतृत्व और प्रत्येक भारतीय में अमृतकाल और विकसित भारत 2047 के विजन में योगदान देने का विश्वास जगाने के लिए बधाई दी।

श्री गोयल ने डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर उद्योगों की क्षमता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में भारत की बढ़ती उपस्थिति और वैश्विक गुणवत्ता वाले उत्पादों के लिए इसके विस्तारित विनिर्माण आधार पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ये सेक्‍टर आने वाले वर्षों में भारत की वृद्धि को गति देंगे और 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि हितधारकों के साथ हुई बातचीत सकारात्मक रही और भारत सरकार के विभिन्न विभागों और राज्यों के बीच हुई चर्चाओं से कई मुद्दों का समाधान हुआ। उन्होंने कहा कि उद्योग की तैयारी देखकर संतोष हुआ, क्योंकि डेटा सेंटर उद्योग में लगभग 200 बिलियन डॉलर का निवेश होने की संभावना है। श्री गोयल ने कहा कि बैठक से इस बात पर बहुमूल्य अंतर्दृष्टि और विचार प्राप्त हुए कि भारत किस प्रकार विश्व का डेटा सेंटर बन सकता है।

भारत के डेटा सेंटर सेक्‍टर के त्‍चरित और सतत विस्तार के लिए अनुकूल वातावरण को और सुदृढ़़ करने के उद्देश्य से आयोजित की गई यह गोलमेज बैठक, पहली सीईओ गोलमेज बैठक की अनुवर्ती थी। चर्चा का केंद्र बिंदु व्यापार करने में सुगमता और डेटा सेंटर अवसंरचना, विशेष रूप से बिजली, भूमि, नियामक और वित्तीय मुद्दों से संबंधित उपयोग था।

चर्चाओं में क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) वर्कलोड से उत्पन्न तेजी से बढ़ती मांग पर प्रकाश डाला गया। 2026 की पहली छमाही में डेटा सेंटर के उपयोग में हाइपरस्केलर्स की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत से अधिक रही, जो एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भारत के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने को रेखांकित करता है। सरकार को उम्मीद है कि डेटा सेंटर सेक्‍टर में निवेश लगभग 200 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा, जो भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और एआई इकोसिस्टम द्वारा सृजित अवसरों के विशाल परिमाण को दर्शाता है।

हितधारकों ने पर्याप्त और विश्वसनीय बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की, जिनमें क्लस्टर-आधारित ट्रांसमिशन और सबस्टेशन योजना, पहले दिन से स्वीकृत लोड, दोहरी बिजली आपूर्ति लाइनें और राज्य सीमाओं के पार नवीकरणीय ऊर्जा की खरीद को सुगम बनाना शामिल है। बिजली आपूर्ति के लिए तैयार भूमि भंडार और पहले से ही बिजली उत्पादन के लिए तैयार भूखंडों की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।

गोलमेज सम्मेलन में परियोजना की समयसीमा को कम करने और निवेश की निश्चितता में सुधार लाने के उद्देश्य से नियामक उपायों की भी समीक्षा की गई। इसमें सुव्यवस्थित एकल-खिड़की अनुमोदन और डेटा केंद्रों के लिए उपयुक्त भवन विनियमन शामिल हैं।

चर्चाओं में पिछली गोलमेज बैठक के बाद से हुई महत्वपूर्ण प्रगति पर प्रकाश डाला गया। राष्ट्रीय भवन संहिता 2026 अब डेटा केंद्रों को समूह-ई के अंतर्गत विशेष रूप से मान्यता देती है। इस चर्चा में डेटा केंद्रों के लिए आवश्यकताओं पर एक समर्पित परिशिष्ट शामिल है, जिसमें अग्नि-जोखिम मूल्यांकन और डेटा केंद्र-विशिष्ट प्रदर्शन संकेतक शामिल हैं।

इस गोलमेज सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, वैश्विक हाइपरस्केलर्स के सीईओ और वरिष्ठ प्रतिनिधि, डेटा सेंटर डेवलपर और ऑपरेटर, निवेशक, अवसंरचना प्रदाता और अन्य प्रमुख हितधारक एकत्रित हुए।

आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश सरकारों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ-साथ लगभग 46 डेटा सेंटर कंपनियों के प्रतिनिधियों ने गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया।

यह संवाद निवेश और नवोन्‍मेष को गति देने, भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुदृढ़़ करने और देश को एक विश्वसनीय वैश्विक डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से व्यावहारिक, समयबद्ध और उच्च प्रभाव वाले सुधारों की नींव के रूप में काम करेगा।

By Rajeev Sharma

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *