प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले दशक में अभूतपूर्व परिवर्तन देखा

नई दिल्ली(राजीव शर्मा): भारत की अध्यक्षता में महाराष्ट्र के पुणे में आज ब्रिक्स संचार मंत्रियों की 12 वीं बैठक आयोजित की गई। भारत के केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया की अध्यक्षता में ब्रिक्स सदस्य देशों के संचार मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों ने भाग लिया।

इस बैठक का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारत की अध्यक्षता में आयोजित आईसीटी ट्रैक के विषय “एक लचीले भविष्य के लिए नवाचार, सहयोग और परिवर्तन (आईसीटी)” और इसके चार स्तंभों – टिकाऊ और लचीले डिजिटल और आईसीटी पारिस्थितिकी तंत्र; साइबर सुरक्षा और विश्वसनीय आईसीटी; डिजिटल कौशल और क्षमता निर्माण; और नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता – का परिचय दिया।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि “भारत 2026 में अध्यक्षता ग्रहण कर रहा है, और हम विनम्रता और अपने साझा समर्पण के साथ ऐसा कर रहे हैं जो आईसीटी ट्रैक के विषय ‘एक लचीले भविष्य के लिए नवाचार करें, सहयोग करें और रूपांतरित करें’ में परिलक्षित लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के निर्माण से संबंधित है।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज दुनिया एक गहन तकनीकी परिवर्तन के कगार पर खड़ी है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अगली पीढ़ी के नेटवर्क, सैटेलाइट संचार (एसएटीसीओएम), क्लाउड कंप्यूटिंग और उन्नत डिजिटल अवसंरचना अर्थव्यवस्थाओं और समाजों को नया आकार दे रहे हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि नवाचार सुरक्षित, समावेशी, टिकाऊ और जन-केंद्रित बना रहे।

इस बैठक से पहले 17 से 19 अगस्त 2026 तक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) में सहयोग के लिए ब्रिक्स कार्य समूह की 7 वीं बैठक , ब्रिक्स इंस्टीट्यूट ऑफ फ्यूचर नेटवर्क्स की परिषद की बैठक, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना पर फोकस समूह और डिजिटल ब्रिक्स टास्क फोर्स की बैठकें और 20 और 21 अगस्त 2026 को डिजिटल ब्रिक्स फोरम और एक्सपो का आयोजन किया गया था ।

ब्रिक्स देशों के मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों ने भी बैठक में अपने भाषण दिए। भारत ने अध्यक्षता वर्ष के दौरान सभी सदस्य देशों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और आगामी अध्यक्ष को अपना समर्थन दिया।

केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने 12 वीं ब्रिक्स संचार मंत्रियों की बैठक के प्रमुख परिणामों और वैश्विक प्रभाव को रेखांकित करते हुए एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत का परिवर्तन अभूतपूर्व रहा है।
मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा की हमने व्यापक चर्चाएँ और प्राथमिकताएँ तैयार की हैं जो ब्रिक्स के भीतर हमारे भविष्य के सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सहयोग को आकार देंगी। विशेष रूप से आठ स्तंभ: – सार्वभौमिक और सार्थक कनेक्टिविटी, लचीला सार्वजनिक अवसंरचना, विश्वसनीय, सुरक्षित और जन-केंद्रित पारिस्थितिकी तंत्र, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और भविष्य की नेटवर्क प्रौद्योगिकियाँ, नवाचार स्टार्टअप और उद्यमिता तथा डिजिटल विस्तार और ब्रिक्स देशों के बीच बेहतर सहयोग। वैश्विक मंच पर ब्रिक्स की भूमिका लगातार बढ़ रही है, क्योंकि आधी मानवता इसी क्षेत्र में निवास करती है और विश्व की दो-पाँचवीं अर्थव्यवस्था इसी क्षेत्र में है।

इसके बाद मंत्रियों ने डिजिटल ब्रिक्स फोरम एक्सपो का दौरा किया जहां उन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय तकनीकी कंपनियों द्वारा प्रस्तुत इंटरैक्टिव प्रदर्शनियों और अत्याधुनिक दूरसंचार समाधानों का अवलोकन किया। पांच दिवसीय इस कार्यक्रम का समापन पुणे की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने वाले एक आधिकारिक भ्रमण के साथ हुआ।

By Rajeev Sharma

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