पुणे में BRICS ICT बैठक के दौरान भारत-ब्राजील के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

नई दिल्ली(राजीव शर्मा): पुणे में ब्रिक्स आईसीटी ट्रैक बैठक के दौरान दूरसंचार और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने के प्रति भारत और ब्राजील की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

इस समझौता ज्ञापन पर केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और ब्राजील गणराज्य के संचार मंत्री महामहिम श्री फ्रेडरिको डी सिकेरा फिल्हो ने हस्ताक्षर किए।

यह द्विपक्षीय सहयोग डिजिटल नवाचार का उन्‍नयन, डिजिटल अवसंरचना को सुदृढ़ करने और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने, विशेष रूप से दूरसंचार और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों में भारत और ब्राजील की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर से भारत-ब्राजील सहयोग और सुदृढ़ होगा और सार्वभौमिक कनेक्टिविटी, साइबर सुरक्षा, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, उभरती प्रौद्योगिकियों, क्षमता निर्माण और बेहतर प्रणालियों के आदान-प्रदान में अधिक सहयोग का मार्ग प्रशस्त होगा।

व्यापक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सहयोग हेतु ढांचा

यह समझौता ज्ञापन दूरसंचार और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) में द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए एक ढांचा स्थापित करता है और समानता, पारस्परिक लाभ और पारस्परिक सम्मान के सिद्धांतों पर आधारित पारस्परिक रूप से लाभकारी अवसरों की खोज करते हुए सूचनाओं, अनुभवों और बेहतर प्रणालियों के नियमित आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का प्रयास करता है।

समझौते के अंतर्गत परिकल्पित सहयोग में दूरसंचार नीतियों और विनियमों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), 5जी और 6जी, ओपन आरएएन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), डायरेक्ट-टू-डिवाइस (डी2डी) कनेक्टिविटी, लो अर्थ ऑर्बिट (एलईओ) सेटेलाइट और नॉन-टेरेस्ट्रियल नेटवर्क (एनटीएन), स्पेक्ट्रम और उपग्रह/कक्षा प्रबंधन, डिजिटल अवसंरचना, ऑप्टिकल फाइबर और सबमरीन केबल सहित रणनीतिक और उभरती प्रौद्योगिकियों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है।

इस रूपरेखा में साइबर सुरक्षा, सार्वभौमिक और सार्थक कनेक्टिविटी, डिजिटल समावेशन, उपभोक्ता संरक्षण, निजी नेटवर्क, डिजिटल ट्रांजिशन और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने जैसे प्रमुख क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है।

यह समझौता दूरसंचार और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत-ब्राजील सहयोग को और सुदृढ़़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उभरती तकनीकों, डिजिटल अवसंरचना, साइबर सुरक्षा, कनेक्टिविटी, क्षमता निर्माण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए एक व्यापक और दूरदर्शी ढांचा प्रदान करता है।

By Rajeev Sharma

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