22 सितंबर को पंजाब भर के आउटपेशेंट ओपियोइड असिस्टेड ट्रीटमेंट सेंटर (OOAT) बंद रहेंगे। दरअसल, वेतन वृद्धि का बकाया भुगतान, समान काम का समान वेतन व अन्य मागों को लेकर गवर्नमेंट ड्रग डी-एडिक्शन, रिहैबिलिटेशन एंड ओट आउटसोर्स मुलाजिम एसोसिएशन पंजाब अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है।
एसोसिएशन ने प्रदेश भर के ओट सेंटरों को 22 सितंबर से हड़ताल बाबत अधिकारियों को नोटिस दिया है। एसोसिएशन के राज्य अध्यक्ष पारस मक्कड़ ने कहा कि ओट, नशा-मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारी लगातार अपनी जायज मांगें सरकार और विभाग के ध्यान में ला रहे हैं। इसके बावजूद मांगों के संबंध में कोई नोटिफिकेशन जारी न होने से कर्मचारियों में रोष है। जिसके चलते ये फैसला लिया गया है।

पठानकोट का नशा छुड़ाओ केंद्र।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें:
वेतन वृद्धि का बकाया भुगतान: 5 नवंबर 2018 से लागू 6 प्रतिशत सालाना वेतन वृद्धि का बकाया भुगतान किया जाए।
विशेष वेतन वृद्धि का लाभ: पॉलिसी के अनुसार आउटसोर्स कर्मचारियों को 9 प्रतिशत और 12 प्रतिशत विशेष वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए।
कॉन्ट्रैक्ट पर रखने का दर्जा: पंजाब सरकार द्वारा पारित बिल के अनुरूप योग्य आउटसोर्स कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर रखने का दर्जा मिले।
समान काम का समान वेतन: समान काम के लिए समान वेतन लागू किया जाए।
निष्पक्ष व्यवहार: ओट, नशा-मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन और सेवा लाभों के मामले में निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित हो।
एसएमओ को सौंपा गया मांग पत्र
जिला पठानकोट के मुलाजिमों ने एसएमओ डॉ. सुनील चंद और नशा छुड़ाओ केंद्र के इंचार्ज डॉ. सत्यार्थ को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। राज्य अध्यक्ष पारस मक्कड़ ने कहा कि एसोसिएशन ने सरकार को मांगों पर ठोस निर्णय लेने और जरूरी नोटिफिकेशन/आदेश जारी करने के लिए 21 सितंबर तक का समय दिया है।
यदि 21 सितंबर तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया, तो कर्मचारी पूरे पंजाब में ओट सेंटर बंद कर देंगे और 22 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर देंगे। एसोसिएशन ने सरकार से अपील की है कि हड़ताल की स्थिति पैदा होने से पहले कर्मचारियों की मांगों का समाधान किया जाए।
