एसएएस नगर (मोहाली)(गुरप्रीत सिंह): मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार राज्य के युवाओं के सपनों को पंख देने के लिए अवसरों, वित्तीय सहायता और संस्थागत सहयोग का मजबूत तंत्र तैयार कर रही है, ताकि उनके विचारों को वास्तविकता में बदला जा सके।
मोहाली स्थित इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) परिसर में आयोजित ISB लीडरशिप समिट-2026 में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के युवाओं में प्रतिभा और ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। सरकार का ध्यान उन्हें अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने, उद्यम खड़े करने और रोजगार पैदा करने के लिए सही मंच उपलब्ध कराने पर है।
“इंडिया अनबाउंड: डिफाइनिंग टुमॉरोज लीडरशिप” विषय पर आयोजित इस सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने ISB के चेयरमैन हरीश मनवानी, डीन प्रोफेसर मदन, अकादमिक और कारोबारी जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों तथा विद्यार्थियों का आभार जताया। उन्होंने ISB के 25 वर्ष पूरे होने पर संस्थान को बधाई दी और कहा कि ISB जैसे संस्थान युवाओं की अपार ऊर्जा को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।




उन्होंने कहा कि सरकार ने नए और अभिनव विचारों को वास्तविकता में बदलने के लिए स्टार्टअप सेंटर स्थापित किया है। वहीं, ‘बिजनेस ब्लास्टर्स’ कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराई जा रही है। स्कूल्स ऑफ एमिनेंस से सामने आने वाले होनहार विचारों को पेटेंट कराने के लिए भी आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों और निवेशकों से पंजाब में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य को उद्योग, निवेश और नवाचार का केंद्र बनाया जा रहा है।
इस अवसर के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “मोहाली में ISB लीडरशिप समिट में शामिल हुआ और संस्थान के 25 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी। ISB जैसे प्रतिष्ठित संस्थान हमारे युवाओं की अपार ऊर्जा को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। हमारे युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है; जरूरत उन्हें उड़ान भरने के लिए सही पंख देने की है।
“इसी सोच के साथ हमने पंजाब में स्कूल्स ऑफ एमिनेंस स्थापित किए हैं, जहां विद्यार्थियों को नए कारोबारी विचार विकसित करने के लिए शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराई जा रही है। पंजाबियों ने अपनी मेहनत के बल पर पूरी दुनिया में सफलता हासिल की है। मैं सभी उद्योगपतियों से गुरु साहिबान और संतों की इस पवित्र धरती में अधिक से अधिक निवेश करने का आह्वान करता हूं। इंकलाब जिंदाबाद।”
ISB लीडरशिप समिट-2026 को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य उन समाजों का है जो नवाचार करने, सोच-समझकर जोखिम उठाने और उभरते अवसरों को टिकाऊ विकास में बदलने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा, “ISB लीडरशिप समिट संस्थान का प्रमुख वार्षिक नेतृत्व सम्मेलन है। इसमें कारोबारी नेता, उद्यमी, नीति-निर्माता, नवप्रवर्तक और विद्यार्थी एकत्र होकर नेतृत्व, नवाचार, उद्यमिता तथा भारत के भविष्य को आकार देने वाले अवसरों पर विचार-विमर्श करते हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “इस शिखर सम्मेलन में शामिल होना मेरे लिए अत्यंत सम्मान, प्रसन्नता और गर्व का विषय है। राज्य सरकार की ओर से मैं आप सभी का हार्दिक स्वागत करता हूं।” उन्होंने सम्मेलन के आयोजन के लिए विद्यार्थियों और ISB की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अकादमिक, व्यापार, उद्यमिता और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र के अग्रणी लोगों को एक मंच पर लाना विचारों के आदान-प्रदान और भविष्य के नेतृत्व को आकार देने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
“इंडिया अनबाउंड: डिफाइनिंग टुमॉरोज लीडरशिप” विषय का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते वर्तमान दौर में यह विषय अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा, “आज भारत के पास अपनी युवा आबादी, तकनीकी क्षमताओं और बढ़ती आर्थिक आकांक्षाओं के कारण अपार संभावनाएं हैं। लेकिन अवसर अपने आप परिणामों में नहीं बदलते। सच्चा नेतृत्व चुनौतियों के बीच अवसरों की पहचान करने में है। अवसरों को दूरदर्शी दृष्टिकोण, निवेश और जोखिम उठाने के साहस के माध्यम से परिणामों में बदलना पड़ता है।”
उन्होंने कहा कि भारत लगातार वैश्विक विकास के इंजन के रूप में उभर रहा है और ISB जैसे संस्थानों की अगली पीढ़ी के उद्यमियों, पेशेवरों और कारोबारी नेताओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका है, जो इस बदलाव का नेतृत्व कर सकें।
इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ISB ने अपेक्षाकृत कम समय में प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में एक वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्थान के रूप में अपनी पहचान बनाई है। ISB की सफलता उस युवा भारत की आकांक्षाओं को दर्शाती है, जो तेजी से आत्मविश्वासी, महत्वाकांक्षी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हो रहा है।”
उन्होंने कहा, “ISB केवल डिग्रीधारक तैयार नहीं कर रहा, बल्कि ऐसे नेताओं को तैयार करने में मदद कर रहा है जो भविष्य के कारोबार, संस्थान और समाधान विकसित कर सकें।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोहाली में ISB की मौजूदगी पंजाब के लिए गर्व की बात है। यह संस्थान राज्य में ज्ञान, शोध, प्रतिभा, उद्यमिता और निवेश का माहौल तैयार करने में योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि मोहाली तेजी से प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और नवाचार के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।
उन्होंने कलकत भवन में स्थित स्टार्टअप इनक्यूबेटर का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार उभरते उद्यमियों और नवोन्मेषी उपक्रमों को संस्थागत सहयोग देने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब में स्टार्टअप, प्रौद्योगिकी आधारित उद्यमों और नई पीढ़ी के उद्योगों का केंद्र बनने की अपार क्षमता है। राज्य सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है कि पंजाब के युवाओं को अवसरों की तलाश में राज्य से बाहर न जाना पड़े।”
उन्होंने कहा, “हम ऐसा माहौल तैयार करना चाहते हैं, जहां युवा पंजाब में ही सपने देख सकें, नवाचार कर सकें, कारोबार शुरू कर सकें और रोजगार पैदा कर सकें।”
विद्यार्थियों में शुरुआती स्तर से ही उद्यमिता की सोच विकसित करने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सभी स्कूल्स ऑफ एमिनेंस में ‘बिजनेस ब्लास्टर्स’ कार्यक्रम शुरू किया है।
उन्होंने कहा, “उद्योगपतियों और उद्यमियों की नई पीढ़ी तैयार करने के इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को अपने कारोबारी विचार विकसित करने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराई जाती है। उद्यमिता को केवल करियर के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि रोजगार पैदा करने और वास्तविक जीवन की समस्याओं का समाधान करने के माध्यम के रूप में देखा जाना चाहिए।”
विद्यार्थियों से पारंपरिक करियर विकल्पों से आगे सोचने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “ऐसे समाधान तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करें, जो समाज के लिए उपयोगी हों। स्थापना के समय से ही पंजाब उद्यम, मेहनत और साहस की धरती रहा है।”
उन्होंने कहा कि साहस, मेहनत, दृढ़ता और उद्यमशीलता की भावना पंजाब के चरित्र में गहराई से समाहित है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब का महान गुरुओं, संतों, आध्यात्मिक नेताओं और शहीदों से जुड़ा समृद्ध और गौरवशाली इतिहास है। साहस, मेहनत, दृढ़ता और उद्यमशीलता की भावना पंजाब के चरित्र में गहराई से समाहित है, जो हमें विश्व में अग्रणी बनाती है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने देश के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया है—चाहे वह देश की सीमाओं की रक्षा करना हो या खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना। उन्होंने कहा, “पंजाब को भारत की ‘खाद्य टोकरी और तलवार भुजा’ के रूप में पहचाने जाने पर गर्व है।”
उन्होंने कहा कि राज्य ने किसानों, उद्यमियों, उद्योगपतियों, पेशेवरों और कारोबारी नेताओं की ऐसी पीढ़ियां तैयार की हैं, जिन्होंने न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई है।
उन्होंने आगे कहा, “पंजाबियों की मेहनती प्रवृत्ति ने उद्यमियों, उद्योग और श्रमिक वर्ग के बीच एक मजबूत संबंध बनाया है, जो आर्थिक विकास के लिए ठोस आधार प्रदान करता है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब को अपनी कृषि आधारित पहचान पर हमेशा गर्व रहेगा, लेकिन रोजगार पैदा करने, निवेश बढ़ाने और टिकाऊ आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के लिए औद्योगिकीकरण भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा, “सरकार ऐसा कारोबारी माहौल तैयार करने के लिए काम कर रही है, जहां उद्यमी विश्वास के साथ निवेश कर सकें और नवाचार को बढ़ावा मिल सके।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब भले ही कृषि प्रधान राज्य है, लेकिन विकास के अगले चरण के लिए उद्योगों का पंजाब में आना भी जरूरी है। कृषि और उद्योग को साथ-साथ आगे बढ़ना होगा।”
राज्य की औद्योगिक नीति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरकार ने एक पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल ढांचा तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया है। जब सरकारी नीति, निजी निवेश, उद्यमशील ऊर्जा और ISB जैसे संस्थानों का ज्ञान तंत्र एक साथ आते हैं, तो पंजाब अपार संभावनाओं को साकार कर सकता है।”
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नेतृत्व केवल अधिकार के पद पर बैठने तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, “नेतृत्व पहल करने, लोगों को साथ लाने, समस्याओं का समाधान करने और दूसरों के लिए अवसर पैदा करने का नाम है।”
उन्होंने ISB के विद्यार्थियों से जिज्ञासु बने रहने, कठिन प्रश्न पूछने और चुनौतियों से बचने के बजाय उनसे सीखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “उन समस्याओं के बारे में सोचिए, जिनका आप समाधान कर सकते हैं; उन संस्थानों के बारे में सोचिए, जिन्हें आप बना सकते हैं; और उन अवसरों के बारे में सोचिए, जिन्हें आप दूसरों के लिए पैदा कर सकते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “नेतृत्व का वास्तविक आकलन इस बात से नहीं होता कि कितने लोग आपका अनुसरण करते हैं, बल्कि इससे होता है कि आप कितने लोगों के लिए अवसर पैदा कर पाते हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उम्मीद जताई कि ISB के पूर्व विद्यार्थी पंजाब के आर्थिक विकास में योगदान देना जारी रखेंगे। वे राज्य में निवेश करने, युवा उद्यमियों का मार्गदर्शन करने, नवाचार को समर्थन देने और रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब एक मजबूत और अधिक समृद्ध भविष्य के निर्माण के लिए उद्योग, अकादमिक जगत, उद्यमियों और निवेशकों के साथ साझेदारी करने के लिए तैयार है।”
उन्होंने युवाओं से पंजाब के बदलाव में भागीदार बनने का आह्वान करते हुए कहा कि सभी मिलकर अगले 25 वर्षों के लिए ऐसा भारत और पंजाब बनाएं, जो नए विचारों, साहसिक पहलों, महत्वाकांक्षी लक्ष्यों और दृढ़ संकल्पित कार्रवाई से प्रेरित हो।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ISB लीडरशिप समिट-2026 की सफलता के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा, “ऐसे मंच उन विचारों, नेतृत्व और संस्थानों को आकार देने में मदद करेंगे, जो भारत के विकास के अगले अध्याय को परिभाषित करेंगे।”
