शिमला (राजीव शर्मा): हिमाचल प्रदेश में शनिवार को मानसून की गतिविधियों का एक और तीव्र दौर देखने को मिलने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूरे राज्य में व्यापक बारिश का पूर्वानुमान जताया है। पृथक (अलग-अलग) इलाकों में गरज-चमक और बिजली के साथ भारी बौछारों की चेतावनी देते हुए कई जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
मौसम कार्यालय ने भविष्यवाणी की है कि मंडी, कांगड़ा, शिमला, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना, चंबा और कुल्लू सहित जिलों में दिन के दौरान भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी राज्य के कई अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है।
अधिकारियों ने आगाह किया है कि लंबे समय तक होने वाली बारिश से विशेष रूप से संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन, चट्टानें गिरने, अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और नदियों व नालों के उफान पर आने की संभावना बढ़ सकती है। निचले इलाकों में जलभराव भी देखने को मिल सकता है, जबकि खराब मौसम के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित हो सकता है।
पूर्वानुमान को देखते हुए निवासियों और पर्यटकों को नदियों, नालों और अन्य जल निकायों से दूर रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि जल स्तर तेजी से बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से मौसम की स्थिति में सुधार होने तक विशेष रूप से भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों में गैर-जरूरी यात्रा से बचने का भी आग्रह किया है।
राज्य भर में यात्रा करने वाले वाहन चालकों से अत्यधिक सावधानी बरतने को कहा गया है, क्योंकि फिसलन भरी सड़कें, खराब दृश्यता (विजिबिलिटी) और गिरता मलबा गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं। अधिकारियों ने यात्रा शुरू करने से पहले मौसम के अपडेट और सड़क की स्थिति की जांच करने की सिफारिश की है।
राज्य सरकार ने जिला प्रशासनों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट पर रहने और बारिश से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने जनता से केवल आधिकारिक मौसम सलाह पर भरोसा करने, अफवाहों से बचने और सक्रिय मानसून अवधि के दौरान स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की भी अपील की है।
