Fortune Soya Oil मामले में FSSAI की कार्रवाई को चुनौती, दिल्ली HC ने केंद्र से मांगा जवाब

नई दिल्ली(राहीव शर्मा): Fortune Soya Health Refined Soyabean Oil की बिक्री को लेकर चल रहे विवाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से जवाब मांगा है। कोर्ट में दायर याचिका में उत्पाद के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने से जुड़ी कार्रवाई को चुनौती दी गई है।

यह याचिका AWL Agri Business Limited ने दाखिल की है। कंपनी का कहना है कि उसके Fortune Soya Oil के पैकेज पर लिखे कुछ दावों को लेकर FSSAI ने आपत्ति जताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

किन दावों पर उठे सवाल?
FSSAI की कार्रवाई उत्पाद के लेबल पर इस्तेमाल किए गए “100% Veg”, “Cholesterol Free” और “For Healthy Lifestyle” जैसे दावों से जुड़ी है। कंपनी को 17 जुलाई को जारी नोटिस में खाद्य उत्पादों की विज्ञापन और लेबलिंग से संबंधित नियमों के कथित उल्लंघन पर स्पष्टीकरण देने को कहा गया था।

याचिका के अनुसार, FSSAI ने कंपनी को सात दिनों के भीतर यह बताने को कहा कि Food Safety and Standards Act के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। नोटिस में Food Safety and Standards (Advertising and Claims) Regulations, 2018 और Food Safety and Standards (Labelling and Display) Regulations, 2020 का भी हवाला दिया गया।

राज्यों को भी भेजा गया था निर्देश
कंपनी के मुताबिक, उसी दिन FSSAI ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को एक अलग पत्र भेजा। इसमें कथित तौर पर गैर-अनुपालन वाले उत्पादों के निर्माण, वितरण, मार्केटिंग और बिक्री को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया था।

AWL Agri Business ने अदालत में दावा किया कि इस निर्देश के चलते उसके उत्पाद को प्रभावी रूप से “non-compliant product” माना गया। कंपनी के अनुसार, इसका असर उसके वितरकों, स्टॉकिस्टों, थोक कारोबारियों और खुदरा विक्रेताओं तक पहुंचा।

वितरकों और दुकानदारों पर पड़ा असर: कंपनी
याचिका में कहा गया है कि अगस्त में कुछ वितरकों ने कंपनी को बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने उनके प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और उत्पाद की बिक्री रोकने के निर्देश दिए। इसके बाद कुछ खुदरा कारोबारियों ने Fortune Soya Oil के नए ऑर्डर लेने से इनकार कर दिया और पहले से मौजूद स्टॉक वापस करने की मांग की।

कंपनी ने इसी कार्रवाई के आधार पर हाईकोर्ट से राहत की मांग की है।

दिल्ली HC ने क्षेत्राधिकार पर दी अहम टिप्पणी
सुनवाई के दौरान केंद्र और FSSAI की ओर से याचिका के क्षेत्राधिकार पर सवाल उठाया गया। उनका तर्क था कि कंपनी गुजरात में स्थित है और उत्पाद का निर्माण व मार्केटिंग दिल्ली के बाहर होती है, इसलिए मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में नहीं होनी चाहिए।

हालांकि, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि जिन मूल कार्रवाइयों को याचिका में चुनौती दी गई है, वे FSSAI की ओर से दिल्ली में की गई थीं और यही कार्रवाई याचिकाकर्ता की मांग का आधार है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि FSSAI के संबंधित अधिकारी दिल्ली हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार में आते हैं। इसलिए केवल क्षेत्राधिकार के आधार पर याचिका को सुनवाई से बाहर नहीं किया जा सकता।

5 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और FSSAI को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी।

फिलहाल कोर्ट ने Fortune Soya Oil पर लगाए गए आरोपों या उत्पाद के लेबल संबंधी दावों की वैधता पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है। अब मामले में केंद्र और FSSAI के जवाब के बाद आगे की सुनवाई होगी।

By Rajeev Sharma

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