नई दिल्ली(राजीव शर्मा): देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) से मिलने वाले राजस्व में अगस्त में एक बार फिर मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। मंगलवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में कुल GST संग्रह सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़कर ₹1.998 लाख करोड़ हो गया। अगस्त 2025 में यह आंकड़ा ₹1.74 लाख करोड़ था।
GST कलेक्शन में यह लगातार तीसरा महीना है जब साल-दर-साल आधार पर दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज हुई है। इससे पहले जुलाई में GST राजस्व 15.4 प्रतिशत और जून में 13.9 प्रतिशत बढ़ा था।
आयात से GST राजस्व में 29% उछाल
अगस्त में GST संग्रह बढ़ने में आयात से प्राप्त राजस्व की बड़ी भूमिका रही। आयात पर सकल GST संग्रह पिछले साल के ₹48,546 करोड़ से बढ़कर ₹62,604 करोड़ हो गया। इसमें करीब 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वहीं, घरेलू स्रोतों से सकल GST राजस्व ₹1.26 लाख करोड़ से बढ़कर ₹1.37 लाख करोड़ हुआ, यानी इसमें 9.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
आंकड़ों से साफ है कि अगस्त के कुल GST कलेक्शन को आयात से जुड़े राजस्व में आई तेज वृद्धि से खासा सहारा मिला।
रिफंड बढ़ने से नेट GST वृद्धि सीमित
हालांकि सकल GST कलेक्शन में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई, लेकिन रिफंड में तेज उछाल के चलते नेट राजस्व की वृद्धि अपेक्षाकृत कम रही।
अगस्त में कुल GST रिफंड 67.9 प्रतिशत बढ़कर ₹31,795 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी महीने में यह ₹18,935 करोड़ था। ICEGATE के माध्यम से किए गए निर्यात GST रिफंड में 61.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि घरेलू रिफंड में 72.6 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया।
रिफंड के बाद अगस्त का नेट GST कलेक्शन ₹1.55 लाख करोड़ से बढ़कर ₹1.68 लाख करोड़ रहा। यानी इसमें सालाना आधार पर 8.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
आयात से मिलने वाला नेट GST राजस्व 22.3 प्रतिशत बढ़कर ₹49,299 करोड़ पहुंच गया, जबकि घरेलू नेट राजस्व सिर्फ 3.4 प्रतिशत बढ़कर ₹1.19 लाख करोड़ रहा।
अप्रैल-अगस्त में ₹10.43 लाख करोड़ का GST संग्रह
वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों यानी अप्रैल से अगस्त के दौरान सकल GST संग्रह 11 प्रतिशत बढ़कर ₹10.43 लाख करोड़ हो गया। पिछले वर्ष की समान अवधि में यह ₹9.40 लाख करोड़ था।
इस अवधि में आयात से होने वाला सकल GST राजस्व 27.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि घरेलू सकल राजस्व में 5.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
अप्रैल-अगस्त के दौरान कुल GST रिफंड 23.8 प्रतिशत बढ़कर ₹1.53 लाख करोड़ हो गया। इसके बावजूद पांच महीनों का नेट GST राजस्व 9 प्रतिशत बढ़कर ₹8.90 लाख करोड़ रहा।
पंजाब-हरियाणा में 12% बढ़ा घरेलू GST
राज्यों के प्रदर्शन की बात करें तो अगस्त में उत्तर प्रदेश के घरेलू GST संग्रह में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई। तेलंगाना में 16 प्रतिशत और गुजरात में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
कर्नाटक और केरल में घरेलू GST संग्रह 13-13 प्रतिशत बढ़ा, जबकि हरियाणा और पंजाब में 12-12 प्रतिशत की वृद्धि रही।
देश में सबसे ज्यादा GST योगदान देने वाले महाराष्ट्र का संग्रह भी 8 प्रतिशत बढ़कर ₹28,779 करोड़ पहुंच गया।
अगस्त के आंकड़े बताते हैं कि GST राजस्व में लगातार तीसरे महीने मजबूत दोहरे अंकों की वृद्धि बनी हुई है। हालांकि, घरेलू राजस्व की तुलना में आयात से जुड़े GST में तेज बढ़ोतरी और बढ़ते रिफंड का असर नेट कलेक्शन पर साफ दिखाई दिया।
