यमुनानगर में किसानों ने पंचकूला-सहारनपुर हाईवे जाम किया, महापंचायत में आंदोलन का ऐलान

यमुनानगर में भारतीय किसान यूनियन की ओर से रविवार को औरंगाबाद स्थित पंचकूला-सहारनपुर हाईवे के पास किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह और प्रदेश अध्यक्ष रतनमान समेत कई किसान नेता शामिल हुए। इससे पहले संगठन ने जिलेभर के किसानों से ट्रैक्टरों के साथ पहुंचने की अपील की थी।

महापंचायत में किसानों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की गई। इनमें गन्ने का भाव बढ़ाने, मंडियों में धान की खरीद में आ रही परेशानियों, बिजली, खाद और बीज की समस्याओं के अलावा यमुनानगर-रादौर सड़क का मुद्दा प्रमुख रहा। भाकियू पदाधिकारियों ने पहले ही कहा था कि अगर 30 सितंबर तक यमुनानगर-रादौर सड़क का निर्माण या मरम्मत नहीं हुई तो महापंचायत में इस संबंध में कड़ा फैसला लिया जाएगा।

किसान नेताओं ने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर सरकार से बातचीत के साथ-साथ आंदोलन की रणनीति भी तैयार की जाएगी। महापंचायत से पहले भाकियू ने दावा किया था कि जिले के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में किसान इसमें शामिल होंगे। संगठन की ओर से करीब पांच हजार किसानों के पहुंचने की बात कही गई थी। किसानों को ट्रैक्टरों के साथ महापंचायत में आने का आह्वान किया गया था।

महापंचायत में धान खरीद का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसानों की ओर से धान में निर्धारित नमी की सीमा बढ़ाने की मांग रखी गई। इसके अलावा गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने, किसानों का कर्ज माफ करने और गेहूं का भाव बढ़ाने जैसी मांगों पर भी चर्चा की गई। इन मांगों को लेकर आगे की रणनीति तय करने की बात कही गई।

राकेश टिकैत ने किसानों से अपने मुद्दों को लेकर एकजुट रहने और संघर्ष के लिए तैयार रहने की बात कही। किसान नेताओं का कहना है कि मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए संगठन आगे की रणनीति तैयार करेगा। हालांकि, आंदोलन के अगले चरण को लेकर अंतिम फैसला संगठन की बैठकों और स्थानीय किसानों की सहमति के आधार पर किया जाएगा।

महापंचायत को लेकर भाकियू ने कई दिन पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां दी गई थीं। इसके लिए 15 सदस्यीय कमेटी भी बनाई गई थी। संगठन की बैठकों में किसानों से अधिक से अधिक संख्या में महापंचायत में पहुंचने की अपील की गई थी।

महापंचायत में किसानों के बैठने, चाय-पानी और भोजन की व्यवस्था भी की गई थी। संगठन की ओर से बताया गया था कि किसानों के लिए जलेबी का भी इंतजाम रहेगा और कार्यक्रम में हरियाणवी कलाकारों को बुलाया जाएगा। महापंचायत का उद्देश्य किसानों की स्थानीय समस्याओं के साथ-साथ फसलों की खरीद और कृषि से जुड़े व्यापक मुद्दों पर आगे की रणनीति तय करना रहा।

By Gurpreet Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *