लुधियाना में मनेवाल गांव के पूर्व सरपंच नवतेज सिंह उर्फ नीटू की बाइक सवार बदमाशों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी। शनिवार शाम वह अपनी इनोवा कार से गांव से लुधियाना स्थित घर लौट रहे थे। लाडोवाल इलाके में साउथ सिटी रोड के पास दो बाइक सवार हमलावरों ने उनकी कार को घेर लिया और करीब 10 राउंड फायर किए। गोलीबारी में नवतेज सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए डीएमसी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना उनकी कार के डैशकैम में भी रिकॉर्ड हुई है।
नवतेज सिंह मनेवाल गांव के पूर्व सरपंच थे और उनकी उम्र करीब 55 से 60 साल बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, वह रोजाना की तरह गांव में अपनी जमीन देखने गए थे। वापस लौटते समय लाडोवाल टोल प्लाजा से साउथ सिटी रोड की तरफ जाते हुए पंजाब फूड कार्यालय के पास हमलावरों ने उनकी कार को निशाना बनाया। हमलावरों ने पहले सामने से आकर फायरिंग की और फिर पीछे मुड़कर ड्राइवर की तरफ से गोलियां चलाईं। इससे कार की खिड़की का शीशा भी टूट गया।
वारदात के बाद हमलावर बाइक से फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा मृतक की कार में लगे डैशकैम की रिकॉर्डिंग भी जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस का कहना है कि फुटेज के जरिए हमलावरों की पहचान और वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
हत्या के पीछे जमीन विवाद की आशंका जताई जा रही है। परिवार के मुताबिक, नवतेज सिंह का अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। मृतक के बेटे आलमजीत सिंह ने पुलिस शिकायत में अपने चाचा पाल सिंह समेत कई लोगों के नाम दिए हैं और आरोप लगाया है कि जमीन विवाद के कारण उनके पिता की हत्या की साजिश रची गई। परिवार का यह भी दावा है कि नवतेज सिंह को पहले कई बार धमकियां मिल चुकी थीं।
पुलिस ने मामले में आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें दो नामजद और छह अन्य आरोपी बताए गए हैं। पुलिस जमीन विवाद के अलावा हत्या के अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। एसीपी वेस्ट जटिंदरपाल सिंह के अनुसार, शुरुआती जांच में परिवार के बीच जमीन विवाद सामने आया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हमलावरों को नवतेज सिंह की आवाजाही की जानकारी कैसे मिली और क्या हत्या पहले से योजनाबद्ध थी। फिलहाल हमलावरों की पहचान और हत्या में इस्तेमाल हथियार के संबंध में पुलिस की जांच जारी है। परिवार की ओर से लगाए गए हत्या की साजिश के आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
