नई दिल्ली(राजीव शर्मा): कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके को जंतर-मंतर पर पार्टी के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान के भीतर पुलिस ने हिरासत में लिया। उनके साथ पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को भी हिरासत में लिया गया।
विमान के उतरने के कुछ ही समय बाद पुलिसकर्मी उसमें दाखिल हुए और केबिन के भीतर दिपके से संपर्क किया। इस दौरान कुछ देर तक बहस हुई। दिपके ने पुलिसकर्मियों से उन्हें गिरफ्तार करने को कहा, जबकि पुलिस ने उनसे सहयोग करने को कहा और बताया कि यह गिरफ्तारी नहीं है।
यह घटना जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सीजेपी प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बीच हुई। प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े मुद्दे उठाए जाने थे।
विमान के भीतर तीखी नोकझोंक
बातचीत के दौरान दिपके ने कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों से कहा कि वह दिल्ली गिरफ्तारी के लिए तैयार होकर आए हैं और उन्हें हिरासत में ले लिया जाए।
पुलिसकर्मियों ने जवाब दिया कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है और उनसे निर्देशों का पालन करने को कहा।
दिपके ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का नाम लेते हुए दावा किया कि उन्होंने भी ऐसी कार्रवाई नहीं की थी। इस टिप्पणी से बातचीत में राजनीतिक रंग आ गया, हालांकि घटना के पूरे हालात स्पष्ट नहीं हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं था कि हवाई अड्डे पर हुई घटना के बाद दिपके को पुलिस केंद्र ले जाया गया या उन्हें छोड़ दिया गया।
सीजेपी प्रदर्शन से पहले सुरक्षा इंतजाम
हवाई अड्डे की घटना से पहले दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सीजेपी प्रदर्शन के मद्देनजर राजधानी में एहतियाती कदम तेज कर दिए थे।
अधिकारियों ने सार्वजनिक सुरक्षा और प्रदर्शन की अनुमति से जुड़े नियमों का हवाला देते हुए सभा की अनुमति नहीं दी थी। पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर कर्मियों की तैनाती की और अनधिकृत जमावड़े रोकने के लिए बैरिकेड लगाए।
प्रस्तावित प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पार्टी की आपत्तियों से जुड़ा था। पार्टी समर्थकों के राजधानी पहुंचने की कोशिशों के बीच पुलिस की कार्रवाई भी चर्चा का विषय बन गई।
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
विमान में हुई नोकझोंक से दिपके के खिलाफ की गई कार्रवाई की वास्तविक प्रकृति को लेकर सवाल उठे। पुलिस ने कथित तौर पर उनसे कहा कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा रहा, लेकिन उपलब्ध जानकारी से कार्रवाई का कानूनी आधार और आगे का घटनाक्रम स्पष्ट नहीं था।
दिपके की स्थिति और हस्तक्षेप के कारणों पर आधिकारिक बयान से यह स्पष्ट हो सकता है कि मामला एहतियाती हिरासत, पूछताछ या किसी अन्य पुलिस प्रक्रिया से जुड़ा था।
प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर तनाव के बीच ये घटनाक्रम सामने आए हैं। दिल्ली के प्रमुख स्थानों पर लोगों की आवाजाही और जमावड़ों पर अधिकारी लगातार नजर रख रहे हैं।
