वैंकूवर (ऋचा वालिया): बोंगमिलान्ती – मेट्रो वैंकूवर बंगाली सांस्कृतिक संघ – ने 10 से 12 अक्टूबर तक आयोजित अपने दुर्गा पूजा 2026 उत्सव का सफलतापूर्वक समापन कर लिया है। इस आयोजन ने बंगाली परंपराओं, भक्ति और सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाने के लिए पूरे समुदाय को एक सूत्र में पिरोया।
तीन दिवसीय इस समारोह में धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक गतिविधियां और 11 अक्टूबर की बहुप्रतीक्षित ‘मायाबनो’ संगीतमय संध्या शामिल थी, जिसमें सोमलता और द एसेस (Somlata and The Aces) ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। तीसरे दिन का सबसे बड़ा आकर्षण पारंपरिक ‘सिंदूर खेला’ का उत्सव रहा, जो बंगाल की एक अत्यंत प्रिय परंपरा है। इसमें सुहागिन महिलाएं वैवाहिक सुख, आशीर्वाद और आपसी सौहार्द के प्रतीक के रूप में एक-दूसरे को सिंदूर लगाती हैं। इस रंगारंग उत्सव ने त्योहार के अंतिम दिन को और भी खास बना दिया।



सुष्मिता दास ने सभी प्रायोजकों, दानदाताओं, स्वयंसेवकों और उपस्थित लोगों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिनके उदार सहयोग और सहभागिता ने इस आयोजन को सफल बनाया। उन्होंने उन सभी लोगों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की जिन्होंने समारोह में योगदान दिया और समुदाय के लिए इस अनुभव को यादगार बनाने में मदद की।

बोंगमिलान्ती एक गैर-लाभकारी और गैर-राजनीतिक संस्था है जो पूरे ग्रेटर वैंकूवर में बंगाली भाषा, त्योहारों, कला और दैनिक सांस्कृतिक जीवन को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। यह संघ विभिन्न पृष्ठभूमियों से आने वाले लोगों का स्वागत करता है और इस क्षेत्र में नए आने वाले प्रवासियों को बसने के दौरान एक सहयोगी माहौल प्रदान करने का प्रयास करता है।

दुर्गा पूजा 2026 के सफल आयोजन ने सांस्कृतिक विरासत को संजोने और सामाजिक संबंधों को मजबूत करने में सामुदायिक भागीदारी के महत्व को उजागर किया। धार्मिक अनुष्ठानों और संगीत कार्यक्रमों से लेकर जीवंत सिंदूर खेला तक, इस उत्सव ने समुदाय को एकजुट होने और आने वाली पीढ़ियों के लिए बंगाली परंपराओं को जीवित रखने का एक सार्थक अवसर प्रदान किया।
