अमृतसर में अजनाला थाने पर हमले से जुड़े मामले में खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के 8 साथियों के बयान अदालत में दर्ज किए गए। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश परमिंदर सिंह की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान चार आरोपी व्यक्तिगत रूप से पेश हुए, जबकि चार आरोपियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। सभी के बयान धारा 313 के तहत दर्ज किए गए।
अदालत में पेश किए गए आरोपियों में हरजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, कुलवंत सिंह राउके, बसंत सिंह दौलतपुरा, हरमेल सिंह योद्धे, बलविंदर सिंह जंगियाना, भगवंत सिंह उर्फ प्रधानमंत्री बाजेके और ईश्वर सिंह शामिल हैं। बयान दर्ज होने के बाद सभी आरोपियों को वापस उनकी संबंधित जेलों में भेज दिया गया।
अदालत में धारा 313 के तहत बयान दर्ज करने की प्रक्रिया में आरोपियों को उनके खिलाफ सामने आए आरोपों और सबूतों के संबंध में अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाता है। बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि सभी आरोपी बेकसूर हैं और उनके खिलाफ दर्ज मामला झूठा है। वकील के मुताबिक, आरोपियों ने अदालत के सामने भी अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है।
यह मामला फरवरी 2023 में अजनाला थाने में हुई हिंसक घटना से जुड़ा है। अमृतपाल सिंह और उसके समर्थक एक व्यक्ति की रिहाई की मांग को लेकर अजनाला थाने के बाहर पहुंचे थे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ था और पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आई थी। मामले में अमृतपाल सिंह समेत उसके कई साथियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
मामले की सुनवाई अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपियों के बयान दर्ज होने के बाद अदालत में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मामले में अगले दो से तीन महीनों में फैसला आने की संभावना जताई गई है, हालांकि अंतिम निर्णय अदालत की कार्यवाही पर निर्भर करेगा।
बचाव पक्ष लगातार आरोपियों को निर्दोष बता रहा है और मामले को झूठा करार दे रहा है। वहीं, अदालत में दर्ज बयानों और मामले में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की सुनवाई जारी रहेगी। फिलहाल आठों आरोपी अलग-अलग जेलों में बंद हैं और अगली कानूनी प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।
