अल्बर्टा (राजीव शर्मा): अल्बर्टा सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों में झंडे लगाने से जुड़े नए नियम लागू किए हैं, जिसके तहत अब स्कूल बोर्डों के लिए शैक्षणिक सत्र के दौरान स्कूल भवनों के बाहर कनाडा का राष्ट्रीय ध्वज और अल्बर्टा का प्रांतीय ध्वज फहराना अनिवार्य कर दिया गया है।
‘फ्लैग डिस्प्ले रेगुलेशन’ (Flag Display Regulation) पूरे प्रांत के स्कूलों में झंडों के प्रदर्शन के लिए एक समान मानक तय करता है। यह कदम ‘कक्षाओं से राजनीति और विचारधारा को दूर रखने से संबंधित अधिनियम’ (An Act to Remove Politics and Ideology from Classrooms) के तहत लाए गए विधायी बदलावों पर आधारित है। सरकार का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य सभी स्कूलों में एकरूपता लाना और कक्षाओं का मुख्य ध्यान केवल शिक्षा व छात्रों के शैक्षणिक विकास पर केंद्रित रखना है।
इस नई व्यवस्था के तहत, स्कूल बोर्ड नियम में अधिकृत झंडों के अलावा कोई अन्य झंडा तभी लगा सकेंगे, जब वे शिक्षा और बाल देखभाल मंत्रालय को लिखित आवेदन देकर इसकी पूर्व अनुमति प्राप्त करेंगे।
शिक्षा और बाल देखभाल मंत्री डेमेट्रियोस निकोलाडेस ने कहा कि कनाडा और अल्बर्टा के झंडे हमारे साझा मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं और पूरे प्रांत के समुदायों के लिए एक साझा प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि नई आवश्यकताओं से स्कूलों में झंडा लगाने को लेकर स्पष्टता आएगी और यह सुनिश्चित होगा कि कक्षाएं पूरी तरह छात्रों के सीखने और सफलता पर केंद्रित रहें।
विशेष परिस्थितियों में अन्य झंडों की भी अनुमति
नियमों के तहत तय परिस्थितियों में कुछ अतिरिक्त झंडे लगाने की छूट दी गई है, जिनमें फ्रेंको-अल्बर्टन झंडा, नागरिक व नगरपालिका झंडे, और तय दिनों पर ‘रॉयल यूनियन फ्लैग’ शामिल हैं।
स्कूल अपने भवनों के भीतर अस्थायी तौर पर उन झंडों को भी प्रदर्शित कर सकते हैं, जो अल्बर्टा के शिक्षा अधिनियम के तहत स्वीकृत पाठ्यक्रम या अध्ययन कार्यक्रम से सीधे तौर पर जुड़े हों।
इसके अलावा, आधिकारिक दौरों, उत्सवों, औपचारिक समारोहों या तय दिनों के दौरान फर्स्ट नेशंस, मेटिस सेटलमेंट जनरल काउंसिल और मेटिस बस्तियों के झंडों के साथ-साथ विदेशी राष्ट्रीय झंडे भी भवनों के भीतर लगाए जा सकते हैं।
इनके अलावा किसी अन्य झंडे को लगाने की अनुमति चाहने वाले स्कूल बोर्डों को शिक्षा और बाल देखभाल मंत्रालय को लिखित अनुरोध भेजना होगा।
मंजूरी प्रक्रिया के लिए तय की गईं कड़ी शर्तें
अतिरिक्त झंडों के प्रदर्शन से जुड़े आवेदनों का मूल्यांकन नियमों में दिए गए विशिष्ट मानदंडों के आधार पर किया जाएगा। प्रस्तावित झंडे का प्रदर्शन स्कूल बोर्ड के किसी ऐसे राजनीतिक, सामाजिक या वैचारिक रुख को नहीं दर्शाना चाहिए जो शिक्षा अधिनियम के तहत उसकी जिम्मेदारियों से मेल न खाता हो।
इसके साथ ही, आवेदन को कई शर्तों में से कम से कम एक को पूरा करना अनिवार्य होगा—जैसे कि वह स्कूल के छात्रों व स्थानीय समुदाय का प्रतिनिधित्व करता हो, स्कूल के मौजूदा ढांचे का हिस्सा हो, स्कूल की पहचान से जुड़ा हो, किसी स्मरण दिवस या विशेष अवसर का प्रतीक हो, अथवा स्कूल के किसी कार्यक्रम से संबंधित हो।
रेड डियर पब्लिक स्कूल डिवीजन की बोर्ड चेयर निकोल बुकानन ने कहा कि स्कूल डिवीजनों की यह जिम्मेदारी है कि वे अपने समुदायों की जरूरतों के प्रति सचेत रहते हुए प्रांतीय दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने नियमों को स्पष्ट करने और छात्रों के सीखने, उपलब्धि व सफलता पर ध्यान बनाए रखने की इस पहल का स्वागत किया।
कॉलेज ऑफ अल्बर्टा स्कूल सुपरिंटेंडेंट्स के अध्यक्ष रेगन वीक्स ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र के प्रमुख जिम्मेदार पेशेवर तौर-तरीकों के जरिए इस कानून को लागू करने के लिए काम करना जारी रखेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्कूल ऐसा माहौल बने रहने चाहिए जहां छात्रों के साथ गरिमा व सम्मान का व्यवहार हो और वे अपनापन महसूस कर सकें।
जनवरी 2027 से सभी स्कूलों को करना होगा पालन
‘फ्लैग डिस्प्ले रेगुलेशन’ 4 जनवरी 2027 से पूरी तरह प्रभावी होगा। अल्बर्टा भर के पब्लिक, सेपरेट, फ्रैंकोफोन, चार्टर और मान्यता प्राप्त स्वतंत्र स्कूल प्राधिकरणों को इस तारीख तक नए नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।
यह नियम पूरे प्रांत के लिए एक स्पष्ट रूपरेखा तय करता है कि कौन से झंडे लगाए जा सकते हैं, किन परिस्थितियों में अतिरिक्त झंडों की अनुमति है, और नियमों में शामिल न होने वाले किसी भी झंडे के प्रदर्शन की मंजूरी के लिए स्कूल बोर्डों को किस प्रक्रिया का पालन करना होगा।
