पंजाब के जालंधर जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए फूड सेफ्टी विभाग की ओर से जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान नकोदर और शाहकोट क्षेत्र में मिठाई की दुकानों पर जांच कर खराब और खाने योग्य नहीं पाई गई मिठाइयों के खिलाफ कार्रवाई की गई। त्योहारों के मौसम में मिठाइयों की मांग बढ़ने के कारण विभाग की ओर से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर रखी जा रही है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम दुकानों पर मिठाइयों की गुणवत्ता, रखरखाव और साफ-सफाई की जांच करती है। ऐसी कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं तक सुरक्षित खाद्य पदार्थ पहुंचाना और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। मिठाइयों को लंबे समय तक गलत तरीके से रखने या अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार करने से उनकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
जांच के दौरान यदि किसी खाद्य पदार्थ में खराबी पाई जाती है, तो विभाग नियमानुसार उसे बिक्री से हटाने और नष्ट कराने की कार्रवाई कर सकता है। खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जाने पर उनकी गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप होने का पता लगाया जाता है।
त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की जांच जरूरी
त्योहारों के समय मिठाइयों की खरीद-बिक्री बढ़ जाती है। ऐसे में दुकानदारों के लिए मिठाइयों को उचित तापमान पर रखना, साफ-सफाई बनाए रखना और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी है। विभाग की जांच का मकसद ऐसी मिठाइयों की बिक्री रोकना है, जो लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं।
खाद्य कारोबारियों को भी निर्देश दिए जाते हैं कि वे खाद्य पदार्थों को साफ और सुरक्षित जगह पर रखें। मिठाइयों को ढककर रखना, निर्माण और बिक्री वाली जगह की नियमित सफाई करना तथा खाद्य पदार्थों को दूषित होने से बचाना जरूरी है।
उपभोक्ताओं को भी मिठाई खरीदते समय उसकी ताजगी, रंग, गंध और दुकान की साफ-सफाई पर ध्यान देना चाहिए। किसी मिठाई में असामान्य गंध, फफूंद या खराबी नजर आने पर उसे खरीदने और खाने से बचना चाहिए।
नोट: दैनिक भास्कर की मूल खबर सीधे उपलब्ध नहीं हो सकी। इसलिए नष्ट की गई मिठाइयों की सटीक मात्रा, दुकानों के नाम, लिए गए सैंपलों और अधिकारियों के बयानों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। इन जानकारियों को मूल खबर के बिना शामिल नहीं किया गया है।
