एडमोंटन (राजीव शर्मा): अल्बर्टा की पुलिस निगरानी एजेंसी ने उत्तर-पश्चिम एडमोंटन में एडमोंटन पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के तीन दिन बाद 54 वर्षीय व्यक्ति की मौत की जांच शुरू कर दी है।
अल्बर्टा सीरियस इंसिडेंट रिस्पांस टीम (ASIRT) ने 8 अक्टूबर को जांच की पुष्टि करते हुए कहा कि 16 सितंबर की घटना के बाद गंभीर हालत में अस्पताल ले जाए गए व्यक्ति की 19 सितंबर को मौत हो गई थी।
जांचकर्ताओं द्वारा जारी की गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एडमोंटन पुलिस सेवा (ईपीएस) के अधिकारियों को 16 सितंबर को शाम 7:30 बजे के तुरंत बाद रैपर्सविले ड्राइव और 173ए एवेन्यू के पास एक व्यक्ति के संदिग्ध/असामान्य व्यवहार के बारे में कई कॉल प्राप्त हुईं। कॉल करने वालों ने आरोप लगाया कि वह घरों में घुसने का प्रयास कर रहा था और इलाके में वाहनों को नुकसान पहुंचा रहा था।
एक अधिकारी कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुंचा और उस व्यक्ति को हथकड़ी लगाने से पहले जमीन पर लेटने का निर्देश दिया। जारी बयान के अनुसार, शुरुआती गिरफ्तारी बिना किसी विवाद के पूरी हो गई थी।
हालांकि, स्थिति तब बदल गई जब वह व्यक्ति जमीन पर लेटे हुए ही संघर्ष करने लगा। खबरों के अनुसार, जब अधिकारी ने पैरामेडिक सहायता का अनुरोध किया, तो वहां मौजूद लोगों ने उसके पैरों को काबू में करने में अधिकारी की मदद की। लगभग एक मिनट के भीतर अतिरिक्त पुलिस दल मौके पर पहुंच गए।
संघर्ष के पांच मिनट के भीतर वह व्यक्ति बेहੋश हो गया, जिसके बाद अधिकारियों ने उसकी स्थिति का आकलन किया। घटनास्थल पर मौजूद एक ऑफ-ड्यूटी नर्स ने भी हस्तक्षेप किया और कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) देना शुरू कर दिया।
इसके बाद पैरामेडिक्स उस व्यक्ति को गंभीर हालत में अस्पताल ले गए। तीन दिन बाद, 19 सितंबर को उसकी मृत्यु हो गई।
एएसआईआरटी ने कहा कि अब तक जारी की गई जानकारी जांच के इस शुरुआती चरण में उपलब्ध निष्कर्षों को दर्शाती है। एजेंसी ने उल्लेख किया कि चल रही जांच की निष्पक्षता और गोपनीयता की रक्षा के लिए आगे के विवरण सीमित रखे जा सकते हैं।
यह जांच इस घटना से जुड़ी परिस्थितियों और उस व्यक्ति की मौत की वजह बने घटनाक्रमों की पड़ताल करेगी।
एएसआईआरटी ‘पुलिस समीक्षा आयोग’ के तहत काम करती है, जो एक स्वतंत्र और नागरिक-नेतृत्व वाली निगरानी एजेंसी है। यह पूरे अल्बर्टा में पुलिस अधिकारियों से जुड़े संभावित आपराधिक अपराधों की जांच करती है, जिनमें ऐसी घटनाएं शामिल हैं जहां पुलिस की कार्रवाई के परिणामस्वरूप गंभीर चोट या मृत्यु हो सकती है।
