कैलगरी (राजीव शर्मा): अल्बर्टा के बहुसंस्कृतिवाद के सहयोगी मंत्री मुहम्मद यासीन ने यहूदी प्रायश्चित दिवस ‘योम किप्पुर’ के अवसर पर प्रांत भर और दुनिया भर के यहूदी समुदायों को अपनी शुभकामनाएं दी हैं।
20 सितंबर को जारी एक बयान में यासीन ने योम किप्पुर को प्रार्थना, आत्मचिंतन, उपवास और क्षमा याचना पर केंद्रित एक पावन अवसर बताया। उन्होंने इस पर्व से जुड़े सत्यनिष्ठा, विनम्रता और करुणा के मूल्यों को भी रेखांकित किया।
यासीन ने अपने बयान में कहा, “योम किप्पुर प्रार्थना का एक गंभीर और अर्थपूर्ण समय है, साथ ही यह उपवास रखने, क्षमा मांगने तथा सत्यनिष्ठा, विनम्रता और करुणा के साथ जीने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने का एक अवसर है।”
मंत्री ने कहा कि यह पवित्र दिन परिवारों और समुदायों को प्रार्थना व चिंतन के लिए एक साथ लाता है। उन्होंने कहा कि यह अवसर विभिन्न समुदायों के बीच साझे मूल्यों की याद दिलाने के साथ-साथ ज्ञान और आशा का एक स्रोत भी बन सकता है।
यासीन ने योम किप्पुर का व्रत रखने वालों को शुभकामनाएं देते हुए अपने संदेश का समापन किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि उनका उपवास सार्थक होगा और उनकी प्रार्थनाएं स्वीकार होंगी, साथ ही उन्होंने आने वाले वर्ष में सभी के लिए अच्छे स्वास्थ्य और आशीर्वाद की कामना की।
योम किप्पुर को यहूदी धर्म में सबसे पवित्र दिन माना जाता है, जिसमें पारंपरिक रूप से उपवास, प्रार्थना, पश्चाताप और आत्मचिंतन शामिल होता है।
