अकाली दल से 22 सीटों पर गठबंधन नहीं करेगी BJP, हरदीप पुरी बोले- फैसला हाईकमान करेगा

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी अमृतसर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) में माथा टेका और वाहेगुरु का शुकराना अदा किया। इसके बाद वे अमृतसर में आयोजित 20वें ‘रोजगार मेले’ में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में उन्होंने नव-नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह देश में आयोजित 20वां रोजगार मेला था। इस अभियान के तहत अब तक देशभर में 12 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। इसी कड़ी में देशभर में 51,000 से अधिक नए नियुक्ति पत्र बांटे गए हैं।

देश की अर्थव्यवस्था और ईंधन की कीमतों पर कही बात

हरदीप पुरी ने 2014 के मुकाबले वर्तमान में भारत की मजबूत होती अर्थव्यवस्था का जिक्र किया। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार के संकट का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, “दुनिया भर में फ्यूल मार्केट में उथल-पुथल है, लेकिन भारत में 1 लाख 7 हजार पेट्रोल पंप आउटलेट्स होने के बावजूद कहीं कोई किल्लत या लंबी लाइनें नहीं दिखीं।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक्साइज ड्यूटी में कटौती की गई, जिससे विदेशों में ईंधन महंगा होने के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम नियंत्रण में रहे।

E-20 ईंधन पर विरोधियों को दिया जवाब

पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण (E-20) को लेकर विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि E-20 की शुरुआत साल 2023 में ही हो चुकी थी। आम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी दल इस मुद्दे पर अब जाकर नींद से जागे हैं और जनता के बीच भ्रम फैला रहे हैं।

पंजाब में नशे की गंभीर स्थिति पर जताई चिंता

पंजाब में बढ़ते नशे के प्रकोप पर चिंता व्यक्त करते हुए पुरी ने कहा कि नशा राज्य की पूरी पीढ़ी को बर्बाद कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि सत्ता में आने से पहले नशे को पूरी तरह खत्म करने का वादा करने वाली सरकार इस पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा गठबंधन के समय में भी नशे की समस्या थी, लेकिन अब हालात और गंभीर हैं।

अकाली-भाजपा गठबंधन पर बड़ा बयान

शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के संभावित सीट-शेयरिंग और गठबंधन के सवालों पर हरदीप पुरी ने स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में कभी गठबंधन होता है, तो समीकरण पूरी तरह बदलेंगे। पहले की तरह अकाली दल बड़े भाई की भूमिका में रहकर 22 सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगा, बल्कि जो भी समझौता होगा, वह पूरी तरह से समानता (बराबर-बराबर सीटों) के आधार पर होगा।

By Gurpreet Singh

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