किसान मजदूर मोर्चा पंजाब के आह्वान पर गुरुवार को पंजाब के 5 जिलों पर करीब 6 घंटे तक रेल रोको आंदोलन किया गया। दोपहर 12 बजे शुरू हुआ आंदोलन शाम 6 बजे समाप्त हुआ।
इस दौरान किसान और खेत मजदूर रेलवे ट्रैक पर धरने पर बैठे। आंदोलन अमृतसर के देवीदासपुरा, पठानकोट के चाखू लाड़ी रेलवे फाटक, मोगा के डगरू, फिरोजपुर के मल्लांवाला और संगरूर के सुनाम में किया गया।

फिरोजपुर में धरने पर बैठे किसान।
किसान नेताओं और प्रशासन के बीच 3 घंटे बैठक
रेल रोको के ऐलान के बाद सरकार की ओर से बातचीत की पहल की गई। अमृतसर के देवीदासपुरा के पास गांव वडाला में किसान नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच करीब 3 घंटे बैठक हुई।
इसमें किसान नेता सरवन सिंह पंधेर, बाबा गुरबचन सिंह चब्बा और सतनाम सिंह मानोचाल समेत अन्य नेता शामिल हुए। वहीं, आईजी बॉर्डर रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर, डिप्टी कमिश्नर दलविंदर सिंह, एसएसपी कवलजीत सिंह, एआईजी हरपाल सिंह और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

किसान मजदूर कमेटी पंजाब के नेता सरवन सिंह पंधेर जानकारी देते हुए।
बैठक में 24 सितंबर को चंडीगढ़ के किसान भवन में कृषि मंत्री के साथ किसान नेताओं की बैठक कराने पर सहमति बनी। इसके अलावा कर्ज के कारण आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों को 3 लाख और खेत मजदूरों के परिवारों को 2 लाख रुपए की सहायता एक महीने के भीतर देने का भरोसा दिया गया।
आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों और मजदूरों के परिवारों को बकाया नौकरी और मुआवजा देने का भी आश्वासन दिया गया। पराली, पुलिस और रेलवे से जुड़े मामलों के निपटारे पर भी सहमति बनी।
23 सूत्रीय मांगों पर 24 सितंबर को होगी चर्चा
इसके बाद किसान नेताओं ने जूम बैठक कर पूरे पंजाब के आंदोलन की समीक्षा की। बैठक में पांचों स्थानों पर चल रहा रेल रोको आंदोलन और मंत्रियों के घरों के बाहर चल रहे मोर्चे गुरुवार को समाप्त करने का फैसला लिया गया। किसान मजदूर मोर्चा ने कहा कि 24 सितंबर की बैठक में एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्जमाफी, लैंड पूलिंग नीति वापस लेने और शंभू-खनौरी मोर्चे से जुड़े मुद्दों समेत करीब 23 सूत्री मांग-पत्र पर चर्चा होगी। बैठक के नतीजों के बाद अगली रणनीति तय की जाएगी।
