भारत-यूके जेईटीसीओ की 16वीं बैठक में आर्थिक और व्यापारिक सहयोग पर जोर

नई दिल्ली(राजीव शर्मा):हम, भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष वेद प्रकाश गोयल और यूनाइटेड किंगडम के व्यापार, नवाचार, विज्ञान और व्यापार राज्य सचिव माननीय जोनाथन रेनॉल्ड्स एमपी, आज नई दिल्ली में भारत-यूके संयुक्त आर्थिक और व्यापार समिति (जेईटीसीओ) की 16वीं बैठक के लिए मिले।
जनवरी 2022 में भारत- यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के लिए वार्ता शुरू होने के बाद से यह पहला जेईटीसीओ सम्मेलन है। हमने इस ऐतिहासिक समझौते का उत्सव मनाया, जो दोनों देशों के व्यवसायों के लिए पहले से ही लाभकारी साबित हो रहा है। हमने स्पष्ट रूप से कहा कि सीईटीए हमारी साझा महत्वाकांक्षा की शुरुआत है, अंत नहीं, यह आने वाले वर्षों में एक गहन और व्यापक आर्थिक साझेदारी की नींव है।
इंग्लैंड के उत्तरी क्षेत्र के सात महापौरों और एक संयुक्त प्राधिकरण के प्रमुख की यात्रा के साथ-साथ आयोजित होने के कारण जेईटीसीओ की यह बैठक और भी महत्वपूर्ण हो गई। इस बैठक ने दोनों देशों की सरकारों, व्यापारिक जगत, विश्वविद्यालयों, नवोन्मेषकों और क्षेत्रीय नेताओं की भागीदारी वाले व्यापक संपर्क कार्यक्रम को समर्थन दिया। इसमें ब्रिटेन के स्कॉटलैंड मामलों के मंत्री तथा पर्यावरण, खाद्य एवं ग्रामीण मामलों के मंत्री की समानांतर यात्राएं भी शामिल थीं।
हमने उत्तरी इंग्लैंड के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और व्यापार, निवेश, नवाचार और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने में राज्यों, क्षेत्रों और शहरों के योगदान को स्वीकार किया।
हमारी चर्चाओं में भारत-यूके साझेदारी की बढ़ती महत्वाकांक्षा और व्यापकता झलकती है। हमने सीईटीए के लागू होने के बाद से वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और प्रगति पर चर्चा की और आने वाले वर्ष के लिए प्राथमिकताओं पर सहमति व्यक्त की।
लाभों को सुनिश्चित करना

हमने इस बात का स्वागत किया कि दोनों देशों के व्यवसायों ने इस समझौते का लाभ उठाने में तेजी दिखाई है। यह समझौता लागू होने के दिन ही भारतीय निर्यातकों ने ब्रिटेन को 50 से अधिक खेपें भेजीं। इनमें स्मार्टफोन जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, टर्बोजेट सहित विद्युत एवं यांत्रिक मशीनरी, सोने के आभूषण, रेडीमेड कपड़े, ऊनी धागे, चाय और कॉफी शामिल थे। असम से जोहा चावल की खेप ब्रिटेन भेजे जाने के साथ ही, इस विशिष्ट क्षेत्रीय किस्म के चावल का ब्रिटेन को पहली बार निर्यात किया गया। सीईटीए के तहत पहले मूल प्रमाण पत्र भी भारत के eCoO 2.0 प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्व-प्रमाणन के आधार पर जारी किए गए, जिससे निर्यातकों को शुरुआत से ही तरजीही व्यवहार प्राप्त करने में सुविधा हुई। पहली टैरिफ-मुक्त स्कॉटिश सैल्मन मछली दो सप्ताह के भीतर ब्रिटेन से भारत पहुंच गई, और तब से कई हजार किलो का निर्यात हो चुका है। स्कॉच व्हिस्की भी कम टैरिफ पर भारतीय बाजार में प्रवेश कर चुकी है, और टैरिफ-रेट कोटा के तहत निर्यात की गई पहली कारों ने सीमा शुल्क की मंजूरी प्राप्त कर ली है और भारत में आयात की जा चुकी हैं।
हमने सहमति जताई है कि सीईटीए के लागू होने के एक वर्ष बाद से हम हर साल इस बात का डेटा साझा करेंगे कि व्यवसाय इस समझौते का उपयोग कैसे कर रहे हैं। इसमें यह डेटा शामिल होगा कि व्यवसाय कितनी बार सीईटीए के कम टैरिफ का लाभ उठा रहे हैं, साथ ही इस बात पर व्यावसायिक प्रतिक्रिया भी शामिल होगी कि क्या अच्छा काम कर रहा है और कहाँ और सहायता की आवश्यकता है। इससे हमें प्राथमिकताओं की एक साझा तस्वीर मिलेगी और यह पता चलेगा कि हम कहाँ अधिक कंपनियों, विशेष रूप से छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों को, इस समझौते का लाभ उठाने में मदद कर सकते हैं।
हमने सीईटीए के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए एक योजना पर भी सहमति व्यक्त की, जिसमें इसकी समितियों और कार्य समूहों की स्थापना और समझौते के प्रत्येक भाग के लिए सरकार-से-सरकार संपर्क बिंदुओं की पुष्टि करना शामिल है। हमने मुद्दों के शीघ्र समाधान में सहायक घनिष्ठ सहयोग का स्वागत किया और अधिकारियों से आग्रह किया कि वे उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का शीघ्र समाधान करें।
व्यापार जगत को अधिक लाभ पहुंचाना

हम सीईटीए को आगे बढ़ाने और सेवाओं, नवाचार, सरकारी खरीद, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा लैंगिक समानता के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने पर सहमत हुए, जिसमें व्यापार-से-व्यापार जुड़ाव और बेहतर क्षेत्रीय साझेदारी शामिल है, ताकि यह समझौता दोनों देशों के हर हिस्से में विकास सुनिश्चित कर सके।
हमने आज आयोजित भारत-ब्रिटेन विज्ञान एवं नवाचार परिषद और नवाचार गोलमेज सम्मेलन की बैठक का स्वागत किया। इस प्रकार के आयोजन व्यवसायों, निवेशकों और शोधकर्ताओं को आपस में जोड़ते हैं और नई प्रौद्योगिकियों के तेजी से व्यावसायीकरण में सहायक होते हैं।
हमने 16वें जेईटीसीओ के साथ उद्योग की मजबूत भागीदारी का स्वागत किया और अवसरों और कार्यान्वयन चुनौतियों की पहचान करने में निरंतर व्यापार-से-व्यावसायिक बातचीत, क्षेत्रीय गोलमेज सम्मेलनों और हितधारक जुड़ाव के महत्व को पहचाना।
हम सीईटीए कार्यान्वयन संबंधी मुद्दों की पहचान करने और उनका समाधान करने के लिए व्यवसायों, उद्योग संघों, निर्यात प्रोत्साहन निकायों और अन्य हितधारकों से प्राप्त प्रतिक्रियाओं का उपयोग जारी रखने पर सहमत हुए।
हम इस बात पर सहमत हुए कि इस जेईटीसीओ बैठक से मिली गति को बनाए रखने के लिए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के दौरे जारी रहने चाहिए।
अगली जेईटीसीओ बैठक

हम इस बात पर सहमत हुए कि 17वां जेईटीसीओ 2027 में यूनाइटेड किंगडम में आयोजित किया जाएगा।

By Rajeev Sharma

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