सिरमौर (राजीव शर्मा): हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में राजगढ़ उपमंडल के तहत एक मकान के अचानक ढह जाने से पारिवारिक त्रासदी सामने आई है। इस हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि दो-दो साल के दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना बुधवार दोपहर दीदग इलाके से सामने आई। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के अनुसार, यह मकान मौजा पीसी दीदग के छीछड़िया गांव निवासी भीम सिंह का था।
मकान ढहने के वक्त इमारत के अंदर चार लोग मौजूद थे। स्थानीय निवासी तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने में मदद की।
मृतकों की पहचान भीम सिंह की पत्नी 60 वर्षीय निर्मला और उनकी 32 वर्षीय बेटी पूजा के रूप में हुई है।
हादसे में दो बच्चों को भी गंभीर चोटें आई हैं। उनकी पहचान पूजा की दो वर्षीय बेटी कुमारी हीरा और भीम सिंह के बेटे अरुण की दो वर्षीय बेटी अभियाना के रूप में हुई है। दोनों को इलाज के लिए राजगढ़ के सिविल अस्पताल ले जाया गया।
प्रशासन ने लिया स्थिति का जायजा डीडीएमए ने कहा कि घटना के बाद किसी अन्य व्यक्ति के फंसे या फंसे होने की कोई सूचना नहीं है। किसी पशुधन के नुकसान की भी सूचना नहीं है।
अधिकारियों ने बिजली के तारों और अन्य सरकारी संपत्तियों सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान नहीं पाया।
दीदग के ग्राम राजस्व अधिकारी ने इस घटना को प्रशासन के संज्ञान में लाया। इसके बाद अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि मकान ढहने के कारणों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
हिमाचल में बारिश का ढाना जारी यह घटना हिमाचल प्रदेश में एक कठिन मानसून सीजन की पृष्ठभूमि में हुई है। पिछले कई हफ्तों में कई जिलों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाएं देखी गई हैं।
30 जून से 11 अगस्त तक की अवधि के सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि मानसून से जुड़ी घटनाओं में 70 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। एनएच-154 और एनएच-21 सहित राज्य भर में 204 सड़कें अब भी बंद हैं।
मंडी जिले में बंद सड़कों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई है, जहाँ फिलहाल 80 मार्ग प्रभावित हैं।
वित्तीय प्रभाव भी काफी व्यापक रहा है, जिसमें सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान ₹910 करोड़ से अधिक होने का अनुमान लगाया गया है। भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने के बार-बार दौर ने पहाड़ी राज्य के कई हिस्सों में परिवहन को बाधित किया है और बिजली व पानी के बुनियादी ढांचे को प्रभावित किया है।
ताजा मकान ढहने की इस घटना ने एक बार फिर मानसून जारी रहने के दौरान संवेदनशील इलाकों में रहने वाले निवासियों के खतरों को उजागर कर दिया है। प्रशासन द्वारा आकलन पूरा किए जाने के साथ आगे के ब्योरे का इंतजार है।
