चंडीगढ़(नवल किशोर): स्वास्थ्य विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा समाज कल्याण विभाग के सहयोग से चंडीगढ़ स्थित यू.टी. सचिवालय में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नशे के दुरुपयोग के विरुद्ध जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी और समन्वित प्रयासों को मजबूत करना था।
पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने कार्यक्रम में शिरकत करते हुए समाज के सभी वर्गों, विशेषकर युवाओं से नशे की रोकथाम, नशे की लत से प्रभावित व्यक्तियों के सहयोग तथा स्वस्थ एवं नशा-मुक्त चंडीगढ़ के निर्माण के लिए निरंतर सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।

प्रशासक के साथ श्री मंदीप सिंह बराड़, गृह-सह-स्वास्थ्य सचिव, यू.टी. चंडीगढ़; श्री प्रदीप कुमार, आई.ए.एस., सचिव, मत्स्य विभाग; तथा डॉ. सुमन सिंह, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, यू.टी. चंडीगढ़ उपस्थित थे। कार्यक्रम में मुख्य स्थल पर लगभग 200–250 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें युवा, विद्यार्थी, एनएसएस कैडेट्स, चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) तथा अन्य हितधारक शामिल थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री कटारिया ने कहा कि नशे के दुरुपयोग से मुकाबला करने के लिए समूचे समाज के दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसमें सरकारी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों, स्वैच्छिक संगठनों, परिवारों और समुदायों की सक्रिय भागीदारी हो। उन्होंने प्रतिभागियों को नशा मुक्त भारत अभियान की शपथ दिलाई और नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने तथा नशा-मुक्त चंडीगढ़ के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए प्रशासक ने एनएसएस कैडेट्स को “नशा मुक्त मित्र” बनने और अभियान के दूत के रूप में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने उन्हें स्कूलों एवं कॉलेजों में विद्यार्थियों के साथ संवाद करने, स्वस्थ एवं उत्पादक जीवनशैली को बढ़ावा देने, युवाओं को सकारात्मक विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर समय पर सहायता प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन देने को कहा। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों और समुदायों में ऐसा सहयोगी वातावरण तैयार करने की आवश्यकता पर भी बल दिया, जहां युवा मार्गदर्शन और सहायता प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान लाइव वर्चुअल शपथ ग्रहण समारोह भी आयोजित किया गया, जिसके माध्यम से यू.टी. चंडीगढ़ के लगभग 60 स्वास्थ्य डिस्पेंसरी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर, पीजीआईएमईआर, जीएमसीएच-32 तथा सरकारी सिविल अस्पतालों को जोड़ा गया। स्वास्थ्य, समाज कल्याण और शिक्षा विभागों ने अधिकारियों, विद्यार्थियों तथा अन्य हितधारकों की भागीदारी का समन्वय किया, जिससे अभियान का संदेश व्यापक स्तर तक पहुंच सका। एनएसएस कैडेट्स ने भी अभियान का संदेश शैक्षणिक संस्थानों और समुदायों तक पहुंचाने तथा युवाओं में नशे के दुरुपयोग की रोकथाम के प्रयासों में सहयोग करने का संकल्प लिया।
सिख गुरुओं की धरती का उल्लेख करते हुए तथा पंजाब, शहीद भगत सिंह, शहीद ऊधम सिंह और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को याद करते हुए श्री कटारिया ने कहा कि पीढ़ियों ने देश के सामने आई चुनौतियों का दृढ़ता से सामना किया है और नागरिकों से नशे की समस्या के खिलाफ भी उसी संकल्प के साथ खड़े होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, जबकि नशे की लत से प्रभावित व्यक्तियों को समय पर उपचार, पुनर्वास, परिवार का सहयोग और अपने जीवन को फिर से संवारने के अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
प्रशासक ने कहा कि रोकथाम, प्रारंभिक हस्तक्षेप, उपचार, पुनर्वास और सामुदायिक सहयोग को एक साथ प्रभावी रूप से आगे बढ़ाना आवश्यक है, ताकि नशे से उबर रहे व्यक्ति स्वस्थ एवं उत्पादक जीवन जी सकें। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों तथा प्रस्तावित डोर-टू-डोर सर्वेक्षण का उल्लेख करते हुए उन्होंने सभी हितधारकों से सामुदायिक स्तर पर प्रयासों को मजबूत करने तथा यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि जागरूकता का संदेश स्कूलों, कॉलेजों, परिवारों और समुदायों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से प्रभावित व्यक्तियों के लिए सहयोगी वातावरण तैयार करने तथा “नशा मुक्त चंडीगढ़” के साझा लक्ष्य को साकार करने के लिए निरंतर जनभागीदारी आवश्यक है।
इससे पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री मंदीप सिंह बराड़, गृह-सह-स्वास्थ्य सचिव, यू.टी. चंडीगढ़, ने नशामुक्ति एवं पुनर्वास के क्षेत्र में चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2025 से जुलाई 2026 के बीच चंडीगढ़ के नशामुक्ति उपचार केंद्रों में कुल 76,615 ओपीडी परामर्श दर्ज किए गए, जिनमें 6,774 नए पंजीकरण और 69,641 फॉलो-अप विजिट शामिल हैं, जबकि 1,131 मरीजों को इन-पेशेंट उपचार प्रदान किया गया।
उन्होंने आगे बताया कि इसी अवधि के दौरान सरकारी मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल, सेक्टर-16 स्थित नशामुक्ति उपचार केंद्र में 3,066 ओपीडी परामर्श दर्ज किए गए, जिनमें 680 नए पंजीकरण और 2,386 फॉलो-अप विजिट शामिल हैं, जबकि 101 मरीजों को इन-पेशेंट उपचार दिया गया।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण नशे की निर्भरता से सफलतापूर्वक उबर चुके और नशामुक्त जीवन बनाए रखने वाले व्यक्तियों का सम्मान था। इस अवसर पर रिकवरी की राह पर आगे बढ़ रहे एक व्यक्ति ने अपनी व्यक्तिगत यात्रा साझा करते हुए आशा का संदेश दिया। उन्होंने निरंतर एवं स्थायी रिकवरी के लिए समय पर उपचार, पुनर्वास, दृढ़ संकल्प, परिवार के सहयोग तथा समुदाय के निरंतर सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।
नशे की रोकथाम, नशामुक्ति, पुनर्वास और रिकवरी के क्षेत्र में कार्य कर रहे सहयोगी संगठनों को भी अभियान में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ यूथ एंड मासेज (SPYM), द आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन, अल्कोहॉलिक्स एनॉनिमस और नारकोटिक्स एनॉनिमस शामिल थे।
कार्यक्रम के दौरान सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) तथा जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की गईं, जिनमें नशे की रोकथाम, प्रारंभिक हस्तक्षेप, उपचार, पुनर्वास, रिकवरी तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य नशे एवं मादक पदार्थों के दुरुपयोग के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता पैदा करना, प्रभावित व्यक्तियों को समय पर उपचार एवं पुनर्वास के लिए प्रेरित करना तथा रोकथाम के प्रयासों में सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करना है, जिसमें विशेष रूप से युवाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। चंडीगढ़ में युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों, परिवारों, सरकारी विभागों और नागरिक समाज संगठनों को जोड़ते हुए जागरूकता एवं सामुदायिक गतिविधियां निरंतर जारी रहेंगी, ताकि स्वस्थ एवं “नशा मुक्त चंडीगढ़” के साझा लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
कार्यक्रम का समापन सरकारी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों, एनजीओ, परिवारों और समुदाय के प्रतिनिधियों द्वारा सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि वे चंडीगढ़ में जागरूकता एवं जनसंपर्क गतिविधियों को समन्वित रूप से जारी रखते हुए नशे के दुरुपयोग की रोकथाम तथा स्वस्थ एवं नशा-मुक्त समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।
