31
Aug
टोरंटो (राजीव शर्मा): आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने टोरंटो में आयोजित ‘हिंदू विश्व बंधु – एम्ब्रेस द वर्ल्ड इन फ्रेंडशिप’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत के सभ्यतागत दृष्टिकोण और सह-अस्तित्व, करुणा व सेवा की उसकी प्राचीन परंपराओं पर प्रकाश डाला। भागवत ने कहा कि हिंदू होने की अवधारणा को किसी विशेष भाषा, धार्मिक प्रथा या जीवनशैली तक सीमित नहीं किया जा सकता। उन्होंने इन भिन्नताओं को मानवीय विविधता की स्वाभाविक अभिव्यक्ति बताया और कहा कि हिंदू परंपरा इन्हें स्वीकार करती है और इनका सम्मान करती है। भारत के इतिहास का उल्लेख करते हुए भागवत ने कहा कि इस देश…
