12
Aug
नई दिल्ली(राजीव शर्मा):जैसे-जैसे स्वतंत्रता दिवस नजदीक आ रहा है, दिल्ली के सदर बाजार की हलचल फिर से तिरंगा के रंगों से भर गई है। दुकानों में अलग‑अलग साइज के राष्ट्रीय ध्वज, देशभक्ति बैज, कलाई रिबन और छोटे डैशबोर्ड फ्लैग्स सज चुके हैं, और 15 अगस्त से पहले ग्राहकों की भीड़ बड़ी संख्या में आती है। लेकिन इस मौसमी भीड़ के पीछे एक ऐसा परिवार है जिसका राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ाव आज़ादी से भी पहले के वर्षों तक जाता है। यह विरासत अब्दुल रहमान से शुरू हुई, जिन्होंने आज़ादी से पहले तिरंगे बनाना शुरू किया। यह परंपरा उनके पुत्र अब्दुल गफ़्फ़ार…
