नई दिल्ली(राजीव शर्मा): पंजाब विधानसभा चुनाव नजदीक आने के बीच शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच शुक्रवार को हुई मुलाकात ने SAD और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संभावित पुनर्गठबंधन को लेकर राजनीतिक अटकलों को हवा दे दी है।
हालांकि, दोनों दलों ने इस मुलाकात पर आधिकारिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच मुलाकात का समय जरूर चर्चा का विषय बन गया है। बादल के साथ मौजूद नेताओं ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया और बातचीत के मुद्दों का खुलासा नहीं किया।
SAD और BJP के बीच 23 वर्षों से अधिक समय तक राजनीतिक गठबंधन रहा। दोनों दलों ने 1997 से 2017 के बीच तीन अलग-अलग कार्यकालों में पंजाब में मिलकर सरकार चलाई। केंद्र के तीन कृषि कानूनों को लेकर मतभेदों के बाद सितंबर 2020 में गठबंधन समाप्त हो गया और अकाली दल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से बाहर हो गया। इसके बाद दोनों दलों ने 2022 का पंजाब विधानसभा चुनाव अलग-अलग लड़ा, जिसमें उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा।
यह ताजा मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब दोनों दल 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
दोनों दलों में चुनौतियां
BJP की पंजाब इकाई में हाल ही में अंदरूनी मतभेद सामने आए हैं। कुछ वरिष्ठ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से पार्टी के संगठनात्मक कामकाज को लेकर चिंता जताई है। दूसरी ओर, अकाली दल भी गुटबाजी की चुनौतियों का सामना कर रहा है। राज्य के कुछ हिस्सों में SAD पुनर्सुरजीत समूह के उभरने और अकाली दल वारिस पंजाब दे के बढ़ते प्रभाव ने पार्टी के सामने नई चुनौतियां खड़ी की हैं।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि मौजूदा स्थिति ने पूर्व सहयोगी दलों के बीच संभावित चुनावी समझौते की अटकलों का रास्ता फिर खोल दिया है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, बदलते राजनीतिक परिदृश्य और प्रतिद्वंद्वी दलों में मतभेद दोनों पक्षों के लिए गठबंधन को लाभकारी बना सकते हैं, यदि वे अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करते हैं।
हालांकि, औपचारिक गठबंधन वार्ता शुरू होने का अभी कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिला है।
स्वतंत्र चुनाव लड़ने का दावा
हाल के महीनों में दोनों दलों के नेताओं ने लगातार कहा है कि वे पंजाब विधानसभा चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे। जून में पंजाब दौरे के दौरान BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा था कि पार्टी सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है। पंजाब BJP प्रमुख केवल सिंह ढिल्लों ने भी हर सीट पर अपने दम पर चुनाव लड़ने की पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराई है।
इसी तरह, सुखबीर सिंह बादल भी बार-बार कह चुके हैं कि शिरोमणि अकाली दल सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों के लिए उम्मीदवार तैयार कर रहा है।
SAD के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री महेशिंदर सिंह ग्रेवाल ने मुलाकात को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने से सावधान किया। उन्होंने कहा कि बातचीत का विवरण साझा नहीं किया गया है और यदि कोई महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया होगा, तो उस पर पहले पार्टी की कोर कमेटी में चर्चा होने की संभावना है।
हालांकि, ग्रेवाल ने यह भी माना कि वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं की मुलाकातें आमतौर पर पूरी तरह महत्वहीन नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि पंजाब से जुड़े मुद्दे और राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति बातचीत के संभावित विषयों में शामिल रहे होंगे।
सुखबीर बादल और PM मोदी की मुलाकात के बाद SAD-BJP गठबंधन की अटकलें तेज हो गई हैं, लेकिन दोनों दल सार्वजनिक रूप से अब भी यही कह रहे हैं कि वे 2027 का पंजाब विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। शुक्रवार की मुलाकात नए राजनीतिक संपर्क की शुरुआत है या सामान्य शिष्टाचार भेंट, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।
