चंडीगढ़ क्षेत्र में रेलवे की बड़ी कार्रवाई, 3,108 पानी की बोतलों समेत अनधिकृत खाद्य सामग्री जब्त

नई दिल्ली(राजीव शर्मा): भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने यात्रियों को अनधिकृत खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ बेचने से रोकने के लिए चंडीगढ़ क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में निरीक्षण तेज कर दिया है।

हालिया प्रवर्तन अभियान के तहत आईआरसीटीसी की चंडीगढ़ क्षेत्रीय टीम ने अंबाला, लुधियाना, अमृतसर, कटरा और जम्मू से होकर चलने वाली 51 ट्रेनों की जांच की। इन निरीक्षणों के दौरान अधिकारियों ने रेलवे नेटवर्क पर बिक्री के लिए स्वीकृत नहीं किए गए ब्रांडों की पैकेज्ड पेयजल की 3,108 बोतलें जब्त कीं।

निगरानी मजबूत करने के लिए रेलवे के वाणिज्यिक विभाग के समन्वय से त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) तैनात किए गए हैं। ये दल स्टेशनों और ट्रेनों में खानपान सेवाओं, वेंडिंग गतिविधियों तथा अधिकृत खाद्य और पेय पदार्थों की उपलब्धता की जांच कर रहे हैं।

निरीक्षण अभियान में स्थिर खानपान दुकानों को भी शामिल किया गया। 10 अगस्त को अंबाला में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान आईआरसीटीसी चंडीगढ़ के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक के नेतृत्व में क्यूआरटी ने अनधिकृत उत्पादों के 13 कार्टन बरामद किए। जब्त सामग्री में आइसक्रीम और फ्लेवर्ड मिल्क शामिल थे।

अधिकारियों ने यह भी जांच की कि खानपान संचालक अपने लाइसेंस और अनुमति की शर्तों के साथ-साथ स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन कर रहे हैं या नहीं। सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर किए गए एक अन्य निरीक्षण में अनधिकृत आइसक्रीम, पेय पदार्थ और पैकेज्ड पेयजल बरामद किया गया।

यह कार्रवाई केवल चंडीगढ़ क्षेत्र तक सीमित नहीं है। लखनऊ में रेलवे अधिकारियों ने 28 जुलाई से 8 अगस्त के बीच 117 ट्रेनों का निरीक्षण किया और ऐसे ब्रांडों की पैकेज्ड पेयजल की 5,241 बोतलें जब्त कीं, जिन्हें बिक्री की मंजूरी नहीं थी।

आईआरसीटीसी की टीमों ने अन्य स्थानों पर ट्रेन साइड वेंडिंग संचालन के दौरान भी उल्लंघन का पता लगाया है। साबरमती ब्रॉडगेज रेलवे स्टेशन पर दो ट्रेनों में अनधिकृत पैकेज्ड पानी और छाछ लादी जा रही थी, जिसे बाद में जब्त कर लिया गया।

हावड़ा और गुवाहाटी मंडलों से भी इसी तरह की कार्रवाई की सूचना मिली है, जहां टीमों ने रेलवे के कई स्थानों से अनधिकृत खाद्य और पेय पदार्थ हटाए।

रेलवे यात्रियों को उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता को लेकर बढ़ते ध्यान के बीच निरीक्षण तेज किए गए हैं। हालिया नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में की गई टिप्पणियों के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रेलवे नेटवर्क में पेयजल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण का दायरा बढ़ाए जाने के साथ रेलवे अधिकारी यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि यात्रियों को केवल स्वीकृत खाद्य और पेय पदार्थ ही उपलब्ध कराए जाएं तथा खानपान संचालक स्वच्छता, सुरक्षा और लाइसेंस से जुड़े आवश्यक मानकों का पालन करें।

By Rajeev Sharma

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